मेरठ। जन्मदिन के मौके पर फिरोजाबाद में शिवपाल यादव से भले ही प्रोफेसर रामगोपाल गले मिले लेकिन अखिलेश यादव की सपा ने अभी भी शिवपाल से दूरी बना रखी है।

शुक्रवार शाम शिवपाल यादव शहर आए। पिंटू राणा, कवि सौरभ जैन सुमन समेत कई करीबियों से मिलने पहुंचे। इस दौरान जिला कार्यकारिणी व महानगर कार्यकारिणी की ओर से कोई स्वागत को नहीं पहुंचा उनसे मिलने भी नहीं पहुंचा। यहां तक कि जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष ने जानकारी होने तक से इंकार किया। यह बात इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि शुक्रवार को ही फिरोजाबाद में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव का जन्म दिन मनाया गया। उसमें शिवपाल यादव भी आमंत्रित किए गए थे। दोनों वहां गले भी मिले। इसका मतलब है कि अखिलेश को सपा में अहम बनाने वाले रामगोपाल ने शिवपाल को स्वीकार कर लिया है तो ऐसे में अखिलेश भी उन्हें स्वीकार कर लेंगे और बड़ी जिम्मेदारी दे देंगे। मगर इसकी जन्म दिन की पार्टी से कुछ घंटे बाद हापुड़ होते हुए वह मेरठ पहुंचते हैं तो उनके साथ वही व्यवहार होता है जो नाराजगी के समय अखिलेश खेमे के सपाई करते थे। चूंकि सपा में भविष्य देख रहे अधिकांश नेता अखिलेश के पाले में ही चले गए थे। शायद इसी का फर्क था कि कोई बड़ा नेता, पदाधिकारी उनसे मिलने तक नहीं गया। यह बात और है कि कभी उनके स्वागत करने को होड़ लगती थी। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में पड़ी फूट के बाद जब से अखिलेश यादव पार्टी के अध्यक्ष बनें हैं तब से कार्यकर्ता अखिलेश व शिवपाल के के साथ बहुत समंजस्य बनाकर चल रहे हैं।

Posted By: Jagran

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