जागरण संवाददाता, मेरठ : मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग एंड टेक्नोलॉजी (एमआइईटी) में शुक्रवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता रोबोचैंप्स 2018 की शुरुआत हुई। शुभारंभ भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के परामर्शदाता डा. सीएम नौटियाल और संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण ने किया। प्रतियोगिता में देशभर के छह आइआइटी संस्थान, 14 एनआइटी और अन्य विश्वविद्यालयों व कॉलेजों से 280 टीमें प्रतिभाग करने के लिए मेरठ आई हैं।

इस दौरान डा. नौटियाल ने कहा कि भविष्य में रोबोटिक्स पर मनुष्य निर्भर होगा। अगर रोबोट में भावना नहीं होगी तो वह एक अभिशाप भी साबित हो सकता है। रोबोट में भाव अनुभूति आदि नहीं होगी तो वह मनुष्य के लिए खतरनाक होगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया। रोबोचैंप्स प्रतियोगिता में एंफीबोट, रोबोट्रांस्पो, रोबोरेस, रोबोवार, हैकट्रॉनिक्स, रोबोसॉकर, सिल्करूट, रिकोचेट, प्रोजेक्ट एक्सपो आदि शामिल हैं।

प्रतियोगिताओं में कुछ यूं दिखी रोबोट्स की करामात

एंफीबोट प्रतियोगिता में ऐसे रोबोट होते हैं जो जमीन और पानी दोनों पर चलने में सक्षम होते हैं। रोबोट्रांस्पो प्रतियोगिता में रोबोट को थार्मोकोल, लकड़ी आदि ने बनाए डब्बों को उठाकर दूसरी ओर निर्धारित स्थान पर रखने होते हैं। यह महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है, जो आने वाले समय में प्रचलित होगी। रोबोट्रांस्पो का इस्तेमाल ढुलाई के काम में भी किया जाता है। रोबोरेस में रोबोट्स को निश्चित ट्रैक पर रेस लगानी होती है। रोबोवार में रोबोट्स के बीच भिड़ंत होती है। इसमें दो रोबोट एक ¨रग में आपस में लड़ते हैं। रोबोसॉकर में रोबोट एक-दूसरे के खिलाफ फुटबाल खेलते हैं और गोल करते हैं। इसी तरह सिल्करूट प्रतियोगिता में एक पट्टी के ट्रैक पर सबसे अच्छे तरीके से चलने वाला रोबोट ही विजेता होता है। प्रोजेक्ट एक्सपो में छात्रों ने रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई।

विजेता टीमें जाएंगी आइआइटी मुंबई

रोबोचैंप्स प्रतियोगिता आइआइटी मुंबई के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसमें विजेता टीमों को आइआइटी मुंबई के टेक फेस्ट प्रतियोगिता में सीधे फाइनल में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में एक से बढ़कर एक रोबोट ने दिल जीतने के साथ ही तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाओं को भी सामने रखा। मीडिया पार्टनर की भूमिका में दैनिक जागरण शामिल है। प्रतियोगिता के आयोजन में फैकल्टी कोआर्डिनेटर अरविंद कुमार पांडे, प्रमोद सिंह, मोहिनी सिंह, स्टूडेंट कोआर्डिनेटर अनु सिरोही, तैयब अहमद, दिलशाद खान, अनुष्का सिसोदिया, अनमोल सिरोही, प्रतीक शर्मा आदि का सहयोग रहा।

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