बागपत, जागरण संवाददाता। सप्ताहभर पूर्व दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पुलिस द्वारा संतोषजनक कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार शाम भी पुलिस की लापरवाही सामने आई। गांव बाछौड़ में एक युवती को बरामद करने पुलिस टीम पहुंची थी। पुलिस के सख्त रवैये से परेशान होकर उनके सामने ही आरोपित की मां और दो बहनों ने जहर निगल लिया। उन्‍हें चिंताजनक हालत में रेफर किया गया। उपचार के दौरान बड़ी बहन ने दम तोड़ दिया। 

यह है मामला

गौरतलब है कि बाछौड़ गांव की महिला ने तीन मई को मुकदमा दर्ज कराया था कि उनकी बेटी गांव के ही प्रिंस के साथ लापता है। अपहरण का मुकदमा दर्ज कर पुलिस युवती को बरामद करने का प्रयास कर रही थी।

घर पहुंची पुलिस, लगा मिला ताला 

मंगलवार की देर शाम पुलिस को सूचना मिली कि प्रिंस युवती को लेकर अपने घर आया हुआ है। पुलिस आरोपित युवक के घर पहुंची, तो दरवाजे पर ताला मिला। घर के अंदर से बातचीत की आवाज आ रही थी। इस पर पुलिस पड़ोस के मकान की छत के रास्ते घर के अंदर पहुंची। घर में युवक की मां अनुराधा, बहन स्वाति और प्रीति मौजूद थी। पुलिस ने युवक और युवती के बारे में जानकारी चाही, तो तीनों ने दोनों के बारे में जानकारी होने से मना करते हुए कहा कि वह यहां नहीं आए हैं।

महिला ने दी थी जहर खाने की चेतावनी

बताते हैं कि महिला ने पुलिसकर्मियों को घर से बाहर चले जाने को कहा। यह भी कहा कि यदि वे घर से बाहर नहीं गए, तो तीनों जहर खा लेंगी। यह जद्दोजहद चल रही थी इसी बीच महिला और उसकी दोनों बेटियों ने जहर निगल लिया। यह देख पुलिस अवाक रह गई। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर तीनों को सीएचसी पर भर्ती कराया, जहां से तीनों को बड़ौत के एक अस्पताल में रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने तीनों को चिंताजनक हालत में मेरठ रेफर किया, जहां स्वाति ने दम तोड़ दिया। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस युवक के घर से युवती को बरामद करने गई थी, लेकिन इसी बीच युवक की मां और दो बहनों ने जहर निगल लिया था। इसमें प्राथमिक तौर पर पुलिस की लापरवाही सामने नहीं आई है। जांच की जा रही है। 

Edited By: Parveen Vashishta