यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मेरठ में हवाई पट्टी विस्तार को AAI ने मांगी जमीन, शासन ने पूछा भूमि अधिग्रहण में होने वाला खर्च
मेरठ के परतापुर हवाई पट्टी के विस्तार के लिए एएआई ने प्रदेश सरकार से जमीन मांगी है ताकि 72 सीटर ...और पढ़ें

HighLights
- एएआई ने मांगी 96.14 एकड़ जमीन
- 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना
- शासन ने मांगा भूमि अधिग्रहण खर्च
जागरण संवाददाता, मेरठ। परतापुर हवाई पट्टी का विस्तार करके यहां से 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना पिछले कई साल से परवान नहीं चढ़ पा रही है। एएआइ के हाल ही में शासन को मिले पत्र ने एक बार फिर से मेरठ की जनता के उड़ान के सपने को जिंदा कर दिया है।
एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया (एएआइ) अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से हवाई अड्डे के लिए आरक्षित की गई 96.14 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करके उपलब्ध कराने व विस्तार में आने वाली बाधाओं (बिजली लाइनें आदि) को दूर कराने का आग्रह किया है। जिस पर शासन ने जिला प्रशासन से इस पर होने वाले खर्च की जानकारी मांगी है। जिला प्रशासन नई दरों के मुताबिक यह प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।
केंद्र सरकार की उड़ान योजना में देशभर के शहरों में उपलब्ध हवाई पट्टी का विस्तार करके शहरों के बीच हवाई यात्रा सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। उसी योजना में मेरठ के परतापुर में उपलब्ध हवाई पट्टी को भी शामिल किया गया था। इस हवाई पट्टी का विस्तार करके यहां से विमान उड़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया से अनुबंध किया था।
उसी के तहत वर्ष 2014 में उसे हवाई पट्टी भी सौंप दी गई थी। लेकिन हवाई पट्टी का विस्तार 11 साल बाद भी नहीं हो सका। कारण जमीन की उपलब्धता न होना है। अनुबंध के मुताबिक प्रदेश सरकार को आवश्यक भूमि एएआइ को निश्शुल्क उपलब्ध करानी है। जमीन न मिल पाने के कारण ही मेरठ का उडान का सपना अधूरा है।
यह है एएआइ का पत्र
एएआइ के अध्यक्ष विपिन कुमार ने प्रदेश सरकार को फिर से पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि एएआइ ने हवाई अड्डा निर्माण के लिए तीनों चरणों के लिए मास्टर प्लान तैयार करके प्रदेश सरकार को सौंपा था। जिसमें प्रत्येक चरण के लिए भूमि की आवश्यकता की जानकारी दी गई है। प्रथम चरण में हवाई पट्टी का विस्तार करके यहां से कई शहरों के बीच 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना को मूर्त रूप दिया जाना है।
ऐसे में प्रथम चरण के लिए उन्होंने वर्तमान हवाई पट्टी की 44.45 एकड़ भूमि के अलावा हवाई अड्डे के लिए आरक्षित 96.14 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करके उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने मास्टर प्लान में दर्शाए गए अवरोध (बिजली लाइनें व अन्य) को भी हटवाने की मांग प्रदेश सरकार से की है।
यह है शासन का पत्र
नागरिक उड्डयन अनुभाग के विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह ने जिला प्रशासन से हवाई पट्टी के विस्तार के तीनों चरणों के लिए एएआइ द्वारा उपलब्ध कराए गए मास्टर प्लान के तहत आवश्यक भूमि के अधिग्रहण में होने वाले खर्च (वित्तीय भार) की जानकारी मांगी है।
जिलाधिकारी, डा. वीके सिंह ने कहा
शासन को इस संबंध में पूरा प्रस्ताव पूर्व में भेजा जा चुका है। वर्तमान में जमीन के रेट में वृद्धि हुई है। जल्द नया प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। मेरठ से हवाई यात्रा की सुविधा शुरू होना जनपद के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
