मेरठ (जेएनएन)। मेरठ में आरएसएस नेता द्वारा अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद दलित वकीलों ने प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराकर शुद्धिकरण किया। वकीलों ने कहा कि जिस बीजेपी ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया, अब वह दलितों का फायदा उठाना चाहती है।

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पूर्व भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कचहरी के पास डा. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था। भाजपाइयों के जाने के बाद आधा दर्जन बसपाई वहां पहुंचे। उन्होंने आंबेडकर की प्रतिमा को गंगाजल से नहलाया। इसके बाद बसपाइयों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उधर, बसपा जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान ने कहा कि प्रतिमा शुद्धिकरण बसपा का सिद्धांत नहीं है। हो सकता है कि वे बसपाई न हों। किसी अनुसूचित जाति संगठन से जुड़े हों

उत्तर प्रदेश में मेरठ के जिला कोर्ट के पास लगी बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति को गंगाजल से नहलाकर यहां के दलित वकीलों ने शुद्धिकरण किया। जब मीडिया द्वारा वकीलों से यह पूछा गया कि ऐसा वे क्यों कर रहे हैं तो वकीलों ने कहा, “कुछ दिन पहले आरएसएस नेता राकेश सिन्हा यहां आए थे। उन्होंने मूर्ति पर माल्यार्पण किया था। इसलिए वे प्रतिमा को गंगाजल से नहला रहे हैं, जिससे प्रतिमा शुद्ध हो जाये।

बाबा साहेब की प्रतिम का शुद्धिकरण करने वाले वकीलों ने कहा कि देश में दलितों पर हमले हो रहे हैं, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है, लेकिन बीजेपी उनके लिए कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी दलितों पर अत्याचार करती है, उसने भीमराव अंबेडकर के लिए कुछ नहीं किया। वकीलों ने कहा कि जिस बीजेपी ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया, अब वह दलितों को अपने पाले में करके फायदा उठाना चाहती है। 

By Ashish Mishra