मेरठ, जेएनएन। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेशभर में 21 हजार जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 286 जोड़ों का विवाह रोहटा रोड फ्लाईओवर के पास हाईवे स्थित संस्कृति रिसोर्ट में संपन्न हुआ, जिनमें 156 हिदू जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे और 130 मुस्लिम जोड़ों ने तीन बार 'निकाह कबूल है' कहकर दाम्पत्य जीवन में कदम रखा। भव्य विवाह समारोह में जिला प्रशासन ने लड़की पक्ष का हक अदा किया, जिसमें सभी तरह की व्यवस्था सरकारी खर्चे पर जिला प्रशासनिक अफसरों ने की। शादी संपन्न होने के बाद सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा कमिश्नर व जिला प्रशासन के अफसरों ने सामूहिक रूप से 286 वर-वधु को शादी का प्रमाण पत्र देकर दाम्पत्य जीवन की खुशहाली का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद थी।

गुरुवार सुबह 7 बजे से ही वर-वधू और उनके परिजन संस्कृति रिसोर्ट में जुटने शुरू हो गए थे। एक पंडाल में 40 वेदी तैयार की गई थी, जिनके चारों ओर चार-चार हिदू जोड़ों को बैठाया गया। सदर स्थित संस्कृत महाविद्यालय से आए 30 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार कर शादी संपन्न कराई। वहीं दूसरे पंडाल में मुस्लिम जोड़ों को बैठाया गया था। जहां नायब शहर काजी के नेतृत्व में आए तीस मौलवियों ने वर-वधू से निकाह कबूल कराकर मेहर के साथ निकाहनामा लिखा। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, संगीत सोम, सत्यवीर त्यागी, जितेंद्र सतवाई, जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविदर सिंह आदि ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर प्रमाण पत्र वितरण किए। शादी के गीतों से सजी महफिल

विवाह पंडाल में म्यूजिक पार्टी ने स्वागत गीत से लेकर जयमाला, फेरे, तिलक और विदाई तक के गीतों को सुनाकर सबकी वाहवाही लूटी। वहीं महिलाओं ने मंच पर डांस कर भव्य शादी समारोह में समां बांधा। छह हजार लोगों के भोजन की थी व्यवस्था

जिला प्रशासन ने वर-वधू और उनके परिजनों व वीआइपी लोगों समेत करीब छह हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की थी। चार प्रकार की सब्जी, तीन प्रकार की मिठाई, तीन तरह की रोटी भी व्यंजनों में थी। एक पंडाल में वर-वधू और उनके परिजनों को खाने की व्यवस्था थी, जबकि दूसरे हॉल में वीआइपी लोगों के लिए भोजन का इंतजाम था।

Posted By: Jagran

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