पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े 23 युवक हिरासत में, ISI कनेक्शन की हुई पड़ताल
एसटीएफ ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी (आईएसआई से जुड़ा) से जुड़े 23 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। ये ...और पढ़ें

HighLights
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े 23 युवक हिरासत में।
महत्वपूर्ण स्थानों के वीडियो भेजने के आरोप में हुई पूछताछ।
एसटीएफ ने सभी युवकों को निगरानी में छोड़ा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से जुड़े गैंग्सटर शहजाद भट्टी के इंस्टाग्राम एकाउंट से जुड़े 23 युवकों को एसटीएफ ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। पकड़े गए युवक मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर के रहने वाले है।
उससे पहले भी शहजाद भट्टी के हैंडलर एटीएस वैष्णोधाम कालोनी के तुषार चौहान, अजीम राणा, आजाद राजपूत, सुहैल और गणेश को पकड़कर जेल भेज चुकी है। उक्त सभी युवक शहजाद भट्टी और सरफराज डोगरा को देश के विभिन्न एरिया की वीडियो बनाकर भेजते थे।
जांच एजेंसियां अभी तक पाकिस्तान के दो गैंग्सटर सरदार सरफराज डोगर और शहजाद भट्टी का नाम सार्वजनिक कर पाई हैं। उक्त दोनों गैंग्सटर यहां के किशोरों और बेरोजगार युवकों को जोड़कर देश की अहम जानकारी जुटा रहे हैं।
सरफराज डोगर ने सुभारती के पीछे गोपाल विहार में रहने बिजनौर के सुहैल आैर गणेश गिरी को जोड़ा, जबकि शहजाद भट्टी ने हापुड़ के अजीम राणा और मेरठ के जेई गांव निवासी आजाद राजपूत को जोड़ा। 25 अप्रैल को मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित वैष्णोधाम कालोनी निवासी तुषार का नाम भी शहजाद भट्टी के हैंडलर के रूप में जुड़ा था।
नोएडा में रहकर तुषार भी गैंग्सटर शहजाद भट्टी के लिए ही काम करता है। पकड़े गए आरोपित मेरठ छावनी क्षेत्र एवं सिटी तथा कैंट स्टेशन की वीडियो बनाकर पाकिस्तान के गैंग्सटर को भेज चुके है। उसके अलावा शास्त्रीनगर का गगन प्रजापति भी पकड़ा जा चुका है, वह भी उक्त गैंग्सटरों के लिए काम करता था।
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि आइएसआइ के लिए काम करने वाले पाकिस्तनी गैंग्सटर शहजाद भट्टी के इंस्टाग्राम एकाउंट से मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और बिजनौर के 23 युवक जुड़े हुए थे। सभी युवकों को एसटीएफ की टीम ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
सभी युवक पढ़ाई कर रहे है। पूछताछ के बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया। उनके ऊपर गोपनीय तरीके से निगरानी रखी जा रही है। ताकि वह कोई गलती करें, तब एसटीएफ उन्हें पकड़ लेगी। पकड़े गए सभी युवकों के मोबाइल की भी पड़ताल की जा रही है। उनके परिवार का बैकग्राउंड भी देखा गया है।
माना जा रहा है कि पाकिस्तानी गैंग्सटर अपने इंटाग्राम और फेसबुक एकाउंट पर बेरोजगार युवकों से दोस्ती करते है। उसके बाद उनसे देश के महत्वपूर्ण स्थानों की वीडियो बनवाते है। उसके बदले में सभी को पैसा भेजा जा रहा है। इस पर एटीएस की टीम पहले से ही काम कर रही है।
