बागपत, जागरण संवाददाता। रालोद ने छपरौली और बड़ौत विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। छपरौली से पूर्व विधायक वीरपाल राठी और बड़ौत सीट से जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर को प्रत्याशी घोषित कर जाट कार्ड खेला है।

रालोद में छपरौली से टिकट मांगने वालों की लंबी लाइन थी, लेकिन पार्टी अध्यक्ष चौ. जयंत सिंह ने यहां से पूर्व विधायक वीरपाल राठी को प्रत्याशी घोषित किया। वीरपाल राठी 2012 में छपरौली से 21571 वोट से जीतकर विधायक बने थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की कमान भी वीरपाल राठी ने संभाली थी। शायद इसीलिए उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया।

बड़ौत सीट से जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर को रालोद उम्मीदवार घोषित किया है। वह बिजरौल गांव निवासी हैं और तीन बार जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। इनके पिता काले सिंह तीन बार बड़ौत ब्लाक प्रमुख रहे थे। गत वर्ष किसान आंदोलन के दौरान बड़ौत में धरना देने में उनकी अहम भूमिका रही थी। दोनों ही प्रत्याशी जाट बिरादरी से हैं।

बागपत सीट से पहले ही पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को रालोद उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है।

लगा करारा झटका

रालोद के उम्मीदवार घोषित होने से उन दर्जनों नेताओं को करारा झटका लगा है, जो टिकट मांग रहे थे। छपरौली विधानसभा सीट पर 16, बड़ौत से 12-13 और बागपत सीट से पांच लोग टिकट मांग रहे थे। बड़ौत सीट पर ब्राह्मïण व वैश्य वर्ग से जुड़े कई नेता टिकट के इच्छुक थे। उनका मानना था कि रालोद बागपत में मुस्लिम, बड़ौत में ब्राह्मण या वैश्य तथा छपरौली सीट पर जाट प्रत्याशी उतारेगी। ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि बड़ौत और छपरौली में रालोद ने जाट कार्ड खेला है।

Edited By: Taruna Tayal