बिजनौर, जागरण संवाददाता। धामपुर विधानसभा सीट पर पिछले 20 साल से दो ठाकुरों के बीच चुनावी जंग चली आ रही है। खास बात यह है कि दोनों ही तीन-तीन बार विधायक रह चुके लेकिन 20 साल में दोनों में से कोई भी लगातार दो बार विधायक नहीं बना है।

1951 में धामपुर विधान सभा के गठन के बाद यहां ठाकुर जाति के ही विधायक बनते रहे हैं। वर्ष 2002 से अभी तक भाजपा के अशोक कुमार राणा और सपा के मूलचंद चौहान में ही चुनावी जंग चलती आ रही है। वर्ष 2002 में सपा से मूलचंद चौहान विजयी रहे तो उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया था।

रालोद प्रत्याशी अशोक कुमार राणा चुनाव हार गए थे। अगले चुनाव 2007 में अशोक कुमार राणा ने बसपा के टिकट पर मूलचंद चौहान को हराया। इसके बाद 2012 में फिर एक बार सपा के मूलचंद चौहान ने अशोक कुमार राणा के सामने जीत हासिल की। 2017 में अशोक कुमार राणा ने भाजपा के टिकट पर फिर से मूलचंद चौहान को शिकस्त दी। 2002 से पहले 1996 के चुनाव में मूलचंद जीते थे। वहीं अशोक कुमार राणा 1989 में स्योहारा विधानसभा सीट से 28 वर्ष की उम्र में जीत दर्ज करा चुके हैं।

 

Edited By: Taruna Tayal