मेरठ, जेएनएन। हरिद्वार के भीमगोड़ा बांध से कम पानी छोड़े जाने के बाद गुरुवार को गंगा का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों के साथ ही प्रशासन को भी राहत मिली है। बिजनौर के जो 50 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे वहां से भी पानी उतरने लगा है और खतरा टल गया है।

सुबह आठ बजे भीमगोड़ा बांध से सिर्फ 1.27 लाख क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। बुधवार रात पानी भरने से बालावाली पुल मार्ग बाधित हो गया था। कुछ संपर्क मार्गों, रपटों और खेतों में पानी भरा है। जलस्तर कम होते ही कुछ स्थानों पर कटान शुरू हो गया है। मुजफ्फरनगर के रामराज क्षेत्र में मध्य गंगा बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु पर रहा लेकिन ऊपर से पानी कम छोड़े जाने से खादर में बाढ़ का खतरा कम हो गया है। घिरे दस गांवों के लोगों को काफी राहत मिली है। पशुओं के लिए चारे का संकट बरकरार है।

मेरठ के हस्तिनापुर खादर में भी गंगा नदी के जलस्तर में कमी आयी है लेकिन खेतों में भरा पानी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। अभी कुछ संपर्क मार्गों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। जिन 15 गांवों के पास गंगा का पानी पहुंच गया था वह घटने लगा है। अस्थायी तटबंध का रिसाव भी कम हो गया है। बिजनौर बैराज से दो दिन से डिस्चार्ज हुआ लाखों क्यूसेक पानी गुरुवार को बुलंदशहर पहुंचने से अनूपशहर में घाट डूब गए हैं। आस-पास की बस्तियों को खतरा उत्पन्न हो गया है। गंगा खतरे के निशान के पास हैं। गंगाघाट के आसपास की दुकानें खाली करा दी गई हैं। प्रशासन के अधिकारी लोगों को सतर्क कर रहे हैं।

 

Edited By: Taruna Tayal