मेरठ, जागरण संवाददाता। हमारे जीवन में कई ऐसी आदतें होती हैं जो हमारे व्यक्तित्व से प्रतिबिंबित होती हैं। ऐसे अधिकांश आदतें हमें शारीरिक लाभ पहुंचाने की वजह उसे नुकसान ही पहुंचाती हैं। वहीं अगर स्वाभाविक आदतों में ऐसी क्रियाओं या कहें कि ऐसी आदत को जोड़ दिया जाए जो सेहत पर अनुकूल प्रभाव डालें तो कहने की क्या। जी हां, खाने से पूर्व हाथ धुलने की आदत भी उनमें से एक है।

यह कहना है काउंसलर का

भारतीय संस्कृति में यूं नहीं है खाने से पूर्व हाथ धुलने को बोला जाता है। इसके पीछे कई ऐसी वजह हैं जो खाने से पूर्व हाथ धुलने की आदत को सेहतमंद रहने के लिए बेहद जरूरी बनाती है। यह कहना है वेलनेस काउंसलर प्रदीप कुमार का। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए हाथ धुलने की आदत बेहद प्रभावी बनकर उभरी। इसीलिए जरूरी है कि बीमारियों को दूर रखने के लिए अच्छे से हाथ धुले जाएं।

हैंड वाशिंग डे

इसके प्रति समाज को जागरूक करने के लिए हर साल 15 अक्टूबर को हैंड वाशिंग डे के रूप में मनाया जाता है। बीमारियों से बचाव के लिए हाथ धुलने के साथ सही ढंग से उनको धोया जाना जरूरी है। इसके लिए हाथों को साबुन से कम से कम 20 से 30 सेकेंड तक रगड़ कर बहते हुए पाने में धोना चाहिए। जिससे हाथ पूरी तरह से स्वच्छ हो सकें।

हाथ धुलने से इन बीमारियों से होता है बचाव

उन्होंने बताया कि हाथ धुलने से पेट संबंधी तमाम बीमारियों, वायरस, बैक्टीरिया के अलावा हेपेटाइटिस ए, फूड प्वाइजनिंग के अलावा पेट में कीड़े आदि रोगों से भी बचाव हो सकता है। हाथ धोने की आदत से हम कई बीमारियों को शरीर में आने से रोक सकते हैं। इसके अलावा खाने पीने की आदत में भी बदलाव लाना चाहिए। कोरोना काल से ही सरकार भी इस बात ही जोर दे रही है कि हर व्‍यक्ति को हाथों को धोना चाहिए। हाथों को धोने के अनेकों लाभ हैं।

Edited By: Prem Dutt Bhatt