मेरठ, जेएनएन। डेंगू का संक्रमण खतरनाक तरीके से फैल रहा है। शुक्रवार को जिले में मरीजों का आंकड़ा तीन सौ छू गया। 137 एक्टिव मरीज हैं, जबकि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 50 पार कर चुकी है। मलेरिया विभाग ने 18 नोटिस जारी किया, जिसमें सात अर्बन क्षेत्रों के लोग हैं।

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान का कहना है कि हर मरीज के घर के आसपास सर्विलांस तेज किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में देहात की तुलना में ज्यादा मरीज निकल रहे हैं। निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में बुखार के मरीज भर्ती हैं। जिला मलेरिया विभाग एवं नगर निगम की टीमें लगातार एंटी लार्वा अभियान संचालित कर रही हैं। मेडिकल कालेज एवं जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारियों ने बताया कि प्लेटलेट की खपत बढ़ गई है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि 300 में से 162 मरीज ठीक होकर घर चले गए। घर पर 92 मरीज इलाज ले रहे हैं। मेडिकल कालेज के फिजिशियन डा. अरविंद का कहना है कि बुखार तेज होने के साथ पसीना निकलने की स्थिति में नमक-पानी का घोल लेते रहें। बीपी गिरने, गफलत एवं सांस फूलने की स्थिति में तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। प्लेटलेट 25 हजार से कम होने पर भी मरीज की स्थिति पर नजर रखने की आवश्यकता है।

नियोकान में आज जुटेंगे बाल रोग विशेषज्ञ : संक्रामक दौर में नवजातों की चिकित्सा के लिए दुनियाभर में कई नए शोध कार्य चल रहे हैं। इलाज की गुणवत्ता को लेकर शनिवार को देश के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञों का मेरठ में जमावड़ा होगा। दो दिनी सेंट्रल जोन-यूपी नियोकान में नीति आयोग के सदस्य व एम्स के बाल रोग विभाग के प्रभारी डा. अशोक देवरारी, वरिष्ठ चिकित्सक डा. विनोद कुमार पाल समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई चिकित्सक भाग लेंगे। बाईपास स्थित ग्रैंड रिसोर्ट में कार्यक्रम में दिग्गज चिकित्सक नवजातों एवं बच्चों से जुड़ी बीमारियों एवं इसके आधुनिकतम इलाज की जानकारी देंगे।

सेंट्रल जोन-2021-22 के ईबी मेंबर डा. अमित उपाध्याय ने बताया कि दो दिनी वर्कशाप में हाइपोथर्मिया एवं नियोनेटल मैनेंजाइटिस समेत कई आवश्यक बिंदुओं पर पैनल डिस्कशन भी होगा। यूनिसेफ की टीम भी भाग लेगी। बच्चे के पैदा होने से बड़े होने के बीच तमाम पड़ावों पर अपनाए जाने वाली एहतियातों की जानकारी दी जाएगी। संक्रामक बीमारियों एवं उससे नवजातों के बचाव को लेकर भी चर्चा होगी।

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