सहारनपुर, बृजमोहन मोगा। लकड़ी पर नक्काशी के लिए दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने वाला सहारनपुर अब अंडा उत्पादन में भी अपनी पहचान बनाने जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो सहारनपुर प्रति माह पांच करोड़ अंडे उत्तराखंड, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों को सप्लाई करेगा। अभी तक सहारनपुर 3.74 करोड़ अंडे प्रति माह सप्लाई कर रहा है। पांच करोड़ अंडे सप्लाई करने के लिए कुक्कुट विकास नीति के तहत जिला प्रशासन ने 1.80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिले में अंडा उत्पादन की करीब 95 यूनिट लगी हैं। इन्हें एकत्र कर अलग-अलग क्षेत्रों के आठ कलस्टर बनाने की योजना का प्रस्ताव जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजा गया है।

लक्ष्य होगा पांच करोड़

कलस्टर बनने के बाद इसका लक्ष्य पांच करोड़ होगा। 2013 से लागू है कुक्कुट विकास नीति योजनामुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रदेश में कुक्कुट विकास नीति योजना साल 2013 से लागू की गई थी। जिसके बाद योजना को अलग अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया। सहारनपुर में बनने वाली यूनिट 1.80 करोड़ की है, जिसमें 30 हजार मुर्गियों को रखने की शर्त है। जबकि 70 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दूसरी यूनिट में 10 हजार मुर्गियों को रखने का प्रावधान है। तीसरी यूनिट में चूजा (मुर्गी का बच्चा) उत्पादन होगा। चूजों का भी बढ़ेगा उत्पादनमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा..राजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में जिले में 10 हजार चूजों की उत्पादन यूनिट संचालित है।

लगेगी बड़ी यूनिट

इन सब यूनिटों को एकत्रित कर दिया जाएगा और एक बड़ी यूनिट लगाई जाएगी। चूजों की संख्या चार गुना बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। प्रत्येक माह 40 हजार चूजों का उत्पाद होगा।यह है वर्तमान स्थितिजिले में 47 यूनिट लगी है, जिनकी कीमत 1.80 करोड़ है। प्रत्येक यूनिट में 30-30 हजार मुर्गियां है। जबकि 70 लाख वाली 27 यूनिट लगी है, जिनमें 10-10 हजार मुर्गियां हैं। यहीं नहीं जिले में चूजा उत्पादन की 10 यूनिट हैं, जिनको पशुपालन विभाग दो गुना करने की तैयारी कर रहा है।

Edited By: Taruna Tayal