सहारनपुर, जेएनएन। इस समय रेगिस्तान में बल्ले से रन बरस रहे हैं। सहारनपुर में आनलाइन सटोरियों पर धन बरस रहा है। आइपीएल मैचों की सीरीज पर खूब सट्टा खेला जा रहा है। शहर के कई होटलों के कमरों में यह कारोबार चल रहा है। यहीं नहीं, कई बुकी तो हरिद्वार और देहरादून जाने के बाद होटलों के कमरों से ही इस धंधे को आनलाइन कर रहे हैं। मोबाइल पर सबकुछ उपलब्ध हो रहा है। सर्विलांस टीम और एसओजी सबकुछ फेल हो रही है। आधुनिक उपकरणों के मामलों में सटोरिए पुलिस से भी आगे निकल गए हैं। यहीं कारण है कि पुलिस एक भी बुकी को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।

आबू-धाबी के मैच पर लगा खूब सट्टा

इंडियन प्रीमियर लीग मैचों की सीरीज शुरू हो गई है। सहारनपुर के बुकी टास से लेकर एक-एक रन पर सट्टा लगवा रहे हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स और रायल चेलेंजर के बीच में आबू धाबू में एक मैचा खेला गया। विराट कोहली की टीम 19 आेवरों में केवल 92 रन ही बना पाई। जबकि लोगों ने विराट की टीम पर खूब सट्टा लगाया हुआ था। बाद में बाजी पलटती दिखी तो सटोरियों ने दूसरी टीम पर पैसा लगवाना शुरू कर दिया। इस मैच में कई बुकी के करोड़ों रुपये के वारे न्यारे हुए।

यहां-यहां काम कर रहे बुकी

शहर के न्यू आवास विकास, घंटाघर स्थित एक होटल, नुमाइश कैंप, मिशन कंपाउंड आदि स्थानों पर बुकी अपना कारोबार चला रहे हैं। नुमाइश कैंप तो आनलाइन सट्टे का आफिस तक बना हुआ है। यहां पर कई कंप्यूटर लगे हुए है। बुकी आराम से इस धंधे को कर रहे हैं। पुलिस को पता तो हैं, लेकिन जानबूझकर नहीं पकड़ रही है।

ऐसे चलता है मैचों पर सट्टा

सट्टा लगाने वाले ग्राहक को एक लाइन दी जाती है। यह लाइन देने से पहले सट्टा लगाने वाले को बुकी के पास एक एकाउंट खुलवाना होता है। पूरा काम इमानदारी के साथ चलता है। एकाउंट खुलने के बाद लाइन दे दी जाती है। सट्टे के भाव को डिब्बे की आवाज बोला जाता है। सट्टा फोन पर लगता है। इसलिए एक लाख को एक पैसा, 50 हजार को अठन्नी, 25 हजार को चव्वनी बोलकर सट्टा लगाया जाता है।

इन्‍होंने बताया...

मैचों पर सट्टा लगाने वालों पर निगांह रखी जा रहा है। यदि शहर में कहीं पर भी चल रहा है तो सर्विलांस और एसओजी को लगाया जाएगा। लोगों से भी अपील है कि यदि उनके क्षेत्र में सट्टा चल रहा है तो वह पुलिस को सूचना दे। उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा।

- डा. एस चन्नपा, एसएसपी

 

Edited By: Taruna Tayal