मेरठ, जेएनएन। भारतीय संस्कृति व शिक्षण पद्धति में नई पीढ़ी को कहानियों के जरिए सामाजिक व मूल्यों का ज्ञान प्रदान करने की पुरानी परंपरा रही है। बच्चों को ऐसे ही मूल्यवान कहानियों को पढ़ाने पर नई शिक्षा नीति में भी जोर दिया गया है। जिसमें स्कूलों की लाइब्रेरी को ऐसी किताबों से सुसज्जित किया जाना है।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सीबीएसई की ओर से सोमवार को रीडिंग मिशन की शुरुआत की जा रही है। बच्चों के विकास में कहानियों और पढऩे के महत्व को दर्शाते हुए सीबीएसई इस रीडिंग मिशन की शुरुआत सोमवार दोपहर तीन बजे आनलाइन कार्यक्रम के जरिए करेगा। सीबीएसई की ओर से करीब डेढ़ घंटे के इस कार्यक्रम से संबंधित यू-ट्यूब लिंक भी वेबसाइट पर साझा किया गया है।

वीवर एंड सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के साथ शुरुआत

सीबीएसई रीडिंग मिशन के लिए प्रथम बुक्स के स्टोरी वीवर एंड सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के साथ इसकी शुरुआत कर रहा है। इसके अंतर्गत अंग्रेजी और हिंदी भाषा में कहानियों के संग्रह को स्कूल व शिक्षक एक्सेस कर सकेंगे और बच्चों को उन कहानियों को सुना सकेंगे। यह कहानियां कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों के लिए हैं। यह कार्यक्रम सीबीएसई की ओर से संचालित सीबीएसई रीडिंग चैलेंज से इतर है।

सीबीएसई रीडिंग चैलेंज में कक्षा छह से 10वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए होता है। सीबीएसई ने स्कूलों को शिक्षकों को इसमें अधिक से अधिक प्रतिभाग कराने को कहा है जिससे रीडिंग मिशन को हर बच्चे तक पहुंचाया जा सके। सीबीएसई के निदेशक एकेडमिक्स डा. जोसेफ इमैनुअल के अनुसार रीडिंग मिशन बच्चों में पढऩे की संस्कृति को विकसित करेगा जिससे उनके संपूर्ण विकास में मदद मिलेगी।

 

Edited By: Taruna Tayal