बागपत, जागरण संवाददाता। Baghpat Highway broken बागपत में झमाझम बारिश से सिसाना में दिल्ली सहारनपुर नेशनल हाईवे-709बी नदी में तब्दील हो गया है। सड़क की मरम्मत पानी में बह गई और जाम लगने से वाहनों की काफी लंबी लाइन लगने से हजारों लोग हलकान रहे। वहीं बारिश से जिले में चौतरफा जलभराव से लोग हलकान रहे।

चोटिल हुए वाहन चालक

सोमवार को दोपहर 12.30 बजे शुरू हुई बारिश 2.30 बजे बंद हुई, लेकिन इस दो घंटे की बारिश से सिसाना गांव में दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर 300 मीटर तीन फुट से ज्यादा जलभराव होने से नदी जैसा नजारा नजर आया। मकानों में पानी घुस गया और गहरे गड्ढों में वाहन फंसते रहे। जाम लगता और खुलता रहा। दोपहर से शाम तक गहरे गड्ढों में भरे पानी में बाइक सवार गिरकर चोट खाते रहे।

लोगों में हैं आक्रोश

हालांकि एनएचएआइ ने रविवार को सिसाना में टूटे हाईवे की एक लेन की सड़की की मरम्मत शुरू कराई, लेकिन यह मरम्मत पानी में बह गई। यहीं पर हाईवे की दूसरी लेन की सड़क पर तीन-चार दिन पहले गड्ढे भरे थे, जो फिर गहरे हो गए हैं, जिनमें पानी भरने से जाम लगा। वहीं सैकड़ों करोड़ की लागत में बने इस हाईवे के एक साल में ही टूटने से लोगों में आक्रोश है। जाम में फंसे लोग कहते सुने गए कि हाईवे का न सही डिजाइन है और निर्माण की गुणवत्ता। कोई लेवल नहीं। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं करना गंभीर सवाल खड़े करती है। एडीएम अमित कुमार ङ्क्षसह ने कहा कि एनएचएआइ के अधिकारियों को जल निकासी को नाला निर्माण कराने को लिखा गया।

चौतरफा जलभराव

बारिश से गांव व कस्बों में जलभराव से लोग परेशान रहे। बागपत शहर की माता कालोनी, इस्लामनगर समेत कई बस्तियों में जलभराव से लोग परेशान हैं। 25 गो आश्रय स्थलों में अधिकांश में पानी भरने से सैकड़ों गोवंश परेशान रहे हैं। धान और गन्ना की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद रही।

मौसम बदल रहा करवट

वहीं दूसरी ओर मानसून के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। रविवार को जहां बदरा बदरने से जी चुराते रहे वहीं सोमवार दोपहर को चमक-गरज के साथ झमाझम बरसात होने लगी। इससे ऊपर चढ़ा पारा नीचे उतर आया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बरसात होने का पूर्वानुमान जताया है। भादो के महीने में कभी बरसात तो कभी धूप खिल रही है। मौसम रोजना करवट बदल रहा है। रविवार को आसमान में बदली छाने के साथ सूर्यदेव की तपिश बरकार रही। धूप खिलने से पारा ऊपर चढऩे लगा। जबकि सोमवार को सुबह से ही आसमान में बदली तो छाई रही, लेकिन दिन चढ़ते ही घटा भी छाने लगी। ऐसे में सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। दोपहर में घनघोर घटाओं की वजह से दिन में ही अंधेरा छा गया और बिजली की गरजना सुनाई देने लगी।

Edited By: Prem Dutt Bhatt