मेरठ, जेएनएन।Delhi Meerut High Speed Train भारत की पहली रीजनल रेल जो दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ के शहरी केन्द्रों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है, उसके पहले चरण में दिसंबर 2022 से रेल संचालित करने की तैयारी है। यानी कि ऐसे ही काम चलता रहा तो सिर्फ 17 महीनों में रैपिड रेल साहिबाबाद से चलने लगेगी। यह चरण है साहिबाबाद से दुहाई का 17 किमी का हिस्सा।

इस हिस्से को मिलाकर पूरे कारिडोर पर अब तक नौ किमी तक वायाडक्ट तैयार कर लिया गया है। वायाडक्ट पर ही पटरी बिछाई जाती है। दुहाई से साहिबाबाद तक पटरी बिछाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किमी वाले प्राथमिकता खंड में आरआरटीएस स्टेशन के डिज़ाइन व आर्किटेक्चर का कार्य फ़ाइनल होने के साथ ही निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है और सभी स्टेशनों के सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण कार्य एडवांस स्टेज पर है। 82 किलोमीटर लंबे इस आरआरटीएस कॉरिडोर में कुल 70 किलोमीटर भाग एलिवेटेड है जिसमें से अब तक लगभग 26 किलोमीटर भाग में पिलर तैयार कर लिए गए हैं ।

इस कॉरिडॉर में 12 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत बनाया जाना है जिसमें लगभग चार किलोमीटर भाग दिल्ली में और 5.8 किलोमीटर भाग मेरठ में है। दिल्ली के भूमिगत भाग के निर्माण के लिए आनंद विहार में टनल बोरिंग मशीन से टनल बनाने की गतिविधियां प्रारंभ हो गयी है। आरआरटीएस के सुरंग थोड़े बड़े होते है और उनका व्यास 6.5 मीटर होता है। मेरठ में भी भूमिगत निर्माण कार्य भैंसाली में भूमिगत स्टेशन के निर्माण के साथ ही पहले ही प्रारंभ हो गया है। जिसके तहत स्टेशन के लिए डी वाल का निर्माण शुरू हुआ है । फुटबाल चौक पर भूमिगत स्टेशन बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर से ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है। दो-तीन दिन बाद यहां भी डी-वाल का निर्माण शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि रैपिड रेल पहली ट्रेन होगी जो 180 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन स्पीड से दौड़ेगी। दुहाई डिपो में ट्रेनों के परिचालन व रख-रखाव के लिए स्टेबलिंग व इन्सपैक्शन लाइन, और कंट्रोल केंद्र तैयार किया जा रहा है। आरआरटीएस ट्रैक के लिए रेल लाइन भी दुहाई में उतारी जा चुकी है जिसे बिछाने का कार्य चल रहा है। दुहाई डिपो में आरआरटीएस ट्रेन के स्टेबलिंग लाइन के लिए ओएचई (ओवर हेड इकयुपमेंट) का कार्य भी शुरू हो गया है। 

Edited By: Himanshu Dwivedi