मेरठ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से लगातार हो रही मौतों के कारण हालात भयावह होते जा रहे हैं। सूरजकुंड में मंगलवार की रात 8:30 बजे तक 51 संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि 17 नान कोविड शवों का अंतिम संस्कार किया गया। शहर के अन्य श्मशानघाट और कब्रिस्तान के आंकड़े भी जोड़ें तो संख्या और ज्यादा बढ़ जाएगी।

मंगलवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर संक्रमित शवों की संख्या अब तक की सर्वाधिक संख्या रही। मालूम हो कि संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था पार्किग क्षेत्र में की गई है। कुल 35 प्लेटफार्म हैं। जो कम पड़ गए। गंगा मोटर कमेटी ने कुछ शवों का अंतिम संस्कार पार्किंग क्षेत्र में जमीन पर किया तो करीब 20 संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कोविड शवों के निर्धारित प्लेटफार्म किया। तीन दिन पहले ही कोविड-नान कोविड शवों के अलग-अलग अंतिम संस्कार की व्यवस्था बनाई गई थी। उधर कंकरखेड़ा श्मशानघाट में पांच नान कोविड शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

यहां की कमेटी ने बताया कि संक्रमित शव एक भी नहीं आया। हालांकि रिठानी, नई बस्ती लल्लापुरा, अब्दुल्लापुर, खड़ौली, जिठौली, कसेरूबक्सर समेत अन्य श्मशानघाट पर शवों के अंतिम संस्कार की जानकारी नगर निगम तक नहीं पहुंची।

श्मशान घाट पर मंगाने पड़े पानी के टैंकर

सूरजकुंड श्मशानघाट के पार्किग क्षेत्र में दोपहर एक बजे उस वक्त खलबली मच गई। जब यहां पानी की समस्या खड़ी हो गई। आनन-फानन में गंगा मोटर कमेटी ने निगम से पानी के टैंकर मंगवाए। इसके साथ ही कमेटी ने नगर आयुक्त से पार्किंग क्षेत्र में नल लगवाने की मांग भी की।

बाले मियां कब्रिस्तान में 25 शव दफनाए

हजरत बाले मियां कब्रिस्तान के प्रबंधक मुफ्ती मोहम्मद अशरफ ने बताया कि मंगलवार को कुल 25 शव दफनाए गए। नगर निगम से मिट्टी भराव कराने की मांग की गई। साथ ही सैनिटाइजेशन व साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए भी अनुरोध किया गया है।

श्मशानघाट व कब्रिस्तान में लगाई ड्यूटी

कोरोना से हो रहीं मौतों को देखते हुए नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कर्मचारियों की श्मशानघाट और कब्रिस्तान में ड्यूटी लगा दी है, जिसमें सफाई निरीक्षक, कर निर्धारण अधिकारी, कर अधीक्षक, डिपो प्रभारी, अवर अभियंता व संचालन समितियों को जिम्मेदारी दी है। सैनिटाइजेशन, सफाई और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। 

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