मेरठ, जेएनएन। New Education Policy 2021-22: चौधरी चरण सिंह विवि और उससे जुड़े कालेजों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से नई शिक्षा नीति के तहत नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सभी राज्य विश्वविद्यालयों की ओर से इस पाठ्यक्रम को एक साथ लागू करने की योजना है। इसके तहत 31 विषयों के पाठ्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं। यह पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भी अपलोड है। जिस पर 31 जनवरी तक शिक्षकों, छात्रों, शिक्षाविदो से सुझाव मांगा गया है। इसके बाद नए पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के तहत जो कामन मिनिमम सिलेबस तैयार किया गया है। वह केवल स्नातक स्तर के लिए है। जिसमें स्नातक के सभी पाठ्यक्रम सेमेस्टर आधारित बनाए गए हैं। साथ ही मल्टीपल एंट्री और एग्जिट के तहत सिलेबस बना है। छह सेमेस्टर में स्नातक के पाठ्यक्रम को बनाया गया है। एक साल में दो सेमेस्टर का सिलेबस र्सिटफिकेट कोर्स के लिए बनाया गया है। दो साल में चार सेमेस्टर डिप्लोमा और तीन साल में छह सेमेस्टर के कोर्स को स्नातक की डिग्री के लिए तैयार किया गया है। परंपरागत पाठ्यक्रमों को भी रोजगारपरक बनाने की कोशिश की गई है। जिससे भूगोल, समाजशास्त्र, इतिहास, अर्थशास्त्र जैसे परंपरागत विषयों में अतिरिक्त कार्यक्रम भी जोड़े गए हैं।

हर सेमेस्टर में अलग क्रेडिट

नई शिक्षा नीति के तहत जो कामन मिनिमम सिलेबस तैयार हुआ है। उसमें हर सेमेस्टर में अलग-अलग क्रेडिट निर्धारित किया गया है। अगर कोई छात्र एक साल की स्नातक की पढ़ाई कर छोड़ देता है। आगे फिर वह अपनी पढ़ाई को पूरी करना चाहता है। तो इसी क्रेडिट के आधार पर उसे अपने कोर्स को पूरा करने की सुविधा दी जाएगी। स्नातक के सिलेबस में पहले सेमेस्टर हर विषय में 100 अंक का प्रश्नपत्र होगा। इसमें 33 अंक पाने वाले पास होंगे। सिलेबस में पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे सेमेस्टर में छह- छह क्रेडिट रखे गए हैं। जबकि पांचवें और छठे सेमेस्टर पांच- पांच क्रेडिट रखे गए हैं। सिलेबस हर सेमेस्टर में एक सप्ताह में कितने लेक्चर होंगे। इसे भी तय किया गया है। चौधरी चरण सिंह विवि के सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर और नई शिक्षा नीति के सिलेबस समिति के सदस्य हरेकृष्ण ने बताया कि कामन मिनिमल सिलेबस पूरे प्रदेश के लिए हैं। जिसमें शासन की ओर से सुझाव मांगा गया है। फरवरी में सिलेबस को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

फरवरी में बीओएस की बैठक

उच्च शिक्षा के कामन मिनिमम सिलेबस के आधार पर विश्वविद्यालयों को अपने सिलेबस भी तैयार करने हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय फरवरी में बोर्ड आफ स्टडीज (बीओएस ) की बैठक करेगा। चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बताया कि सत्र 2021 से विवि में नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। इसके लिए बीओएस कराने के लिए कहा गया है।  

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