मेरठ, जेएनएन। किसान आंदोलन के मद्देनजर किसानों का जत्‍था ट्रैक्‍टर-ट्रॉली को लेकर देहरादून रवाना हो रहे हैं। प्रशासन ने पुलिस फोर्स तैनात की हुई है। उत्‍तराखंड और यूपी बार्डर पर पूलिस बल पहले से ही तैनात है। वहीं मुजफ्फरनगर में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्‍टर रैली के रिहलसल के लिए 1000 हजार ट्रैक्‍टर और पांच हजार किसान के साथ भव्‍य रैली निकाली गई। इस रैली के दौरान सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई। दूसरी ओर सहारनपुर में ट्रैक्‍टर रै‍ली के दौरान पुलिस फोर्स से नोकझोक हो गई। किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया।

गणतंत्र दिवस पर महा ट्रैक्‍टरी रैली के मद्देनजर देश के कई राज्‍य से किसान दिल्‍ली के लिए रवाना हो रहे हैं। वहां पर पहले से मौजूद किसान भी ट्रैक्टर रैली के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। सहारनपुर में किसानों और अन्य राजनीतिक दलों ने किसान बिलों का विरोध करते हुए आक्रोश जताया है। उन्‍होंने रै‍ली निकालकर सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। वहीं ट्रैक्‍टर रैली से देहरादून जाते हुए किसानों को पुलिस बल ने रोका तो उनसे नोकझोक हो गई।

बागपत में निकाली बाइक रैली

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने जिले में बाइक रैली निकाली। सरकार से अपील की वे इस कानून को वापस ले। किसानों ने बाइक रैली के दौरान और लोगों को जुडने का आवाहन भी किया। किसानों के रैली में हंगामा न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात रही। वहीं जिले में किसान और किसान नेता ट्रैक्‍टर रैली की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

मुजफ्फरनर में निकाली ट्रैक्‍टर रैली

किसानों ने मुजफ्फरनगर में भव्‍य ट्रैक्‍टर रैली निकालकर किसान आंदोलन को बल दिया। किसानों ने यहां रैली से पहले सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हाथ में तिरंगा लिए हुए किसान मौजूद रहे। नारेबाजी करने की सूचना पर सीओ और एसओ मौके पर पहुंच गए। किसानों से बातचीत के बाद शांतिपूर्वत तरीके से रैली निकाली गई। अभी रैली जारी है। किसान गणतंत्र दिवस पर भव्‍य ट्रैक्‍टर रैली निकालने को जुटे हुए हैं।

सरकार से वार्ता हो रही विफल

इधर, किसान आंदोलन के मद्देनजर किसान रैली की तैयारी कर रहे हैं। और उधर, सरकार से किसानों की वार्ता विफल होती जा रही है। 11 वें दौर की बैठक में भी किसानों और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पाई है। इस कारण अभी बैठक का सिलसिला जारी है। वहीं सरकार द्वारा पेश किए गए प्रस्‍ताव को भी किसानों ने ठुकरा दिया है। सरकान ने डेढ साल तक कृषि कानून को लागू न करने का प्रस्‍ताव रखा था। लेकिन किसानों ने असहमति जाहिर की।  

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