मेरठ, [अमित तिवारी]। Young Achievers निशानेबाजी में मेरठ का नाम पिछले कुछ सालों में दुनिया के नक्शे पर खूब उभर कर आया है। इसका श्रेय यहां के खिलाड़ियों को जाता है जो दिन रात एकाग्रता से निशाना साधने में जुटे रहते हैं। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरठ का नाम रोशन करने वाले निशानेबाजों में मोहम्मद असब का नाम सबसे पहले लिया जाता है। मोहम्मद असब वर्तमान खिलाड़ियों में सबसे अनुभवी व वरिष्ठ हैं। असब ने 2001 में निशानेबाजी सीखना शुरू किया था और अब तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में 44 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। इनमें 20 पदक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते हैं।

निशाना साधा और साधते ही गए

असद ने साल 2001 में निशानेबाजी सीखने के साथ ही अगले साल यानी साल 2002 से निशानेबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम पदक जीते हैं। असद ने निशानेबाजी की शुरुआत डबल ट्रैप इवेंट में की थी। कुछ समय पहले आईएसएसएफ की ओर से डबल ट्रैप इवेंट बंद करने के बाद असब ट्रैप ईवेंट में निशाना साध रहे हैं। उसके साथ ही 10 मीटर एयर पिस्टल में भी हाथ आजमाते हैं। असब ने डबल ट्रैक इवेंट में ही साल 2014 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता था। 2018 के गोल्ड कोस्ट ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में असब अपने दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल से चूक गए थे। इस प्रतियोगिता में उनकी चौथी रैंक थी।

डबल ट्रैप में 9 बार राष्ट्रीय चैंपियन बने असब

असब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप, एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है और पदक भी जीते हैं। असब के नाम आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के मेक्सिको में आयोजित इवेंट में रिकॉर्ड भी दर्ज है। अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ असब राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में नौ बार चैंपियन बने हैं। 2016 में असब को उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान लक्ष्मण अवार्ड से नवाजा गया था। उसी साल अर्जुन अवॉर्ड में भी उनका नाम था पर वह उस समय नहीं मिल सका।

राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप है अगला लक्ष्य

मोहम्मद असब का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप है जो दिल्ली में आयोजित होगी। पिछले सप्ताह दिल्ली में हुए नेशनल ट्रायल्स में कोविड के कारण असब हिस्सा नहीं ले सके। मेरठ के गांव अमरोली बड़ागांव में जन्मे व बड़े हुए असब शूटर फैमिली से ही ताल्लुक रखते हैं। उनके बड़े भाई भारतीय सेना में कोच हैं जबकि अन्य भाई इंडियन एयर फोर्स की तरफ से निशानेबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। भाइयों को देखकर ही असब भी इस क्षेत्र में आगे बढ़े और एक से एक सफलताओं को अपने नाम करते चले गए। असब का पूरा ध्यान अब अगली नेशनल चैंपियनशिप पर ही टिका हुआ है।

इस प्रकार हैं असब की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग उपलब्धियां

वर्ल्ड चैंपियनशिप

- 2007 जर्मनी में हुई डबल ट्रैप जूनियर में स्वर्ण पदक।

- 2007 जर्मनी में हुई डबल ट्रैप जूनियर में टीम रजत पदक।

- 2018 चांगवोन में डबल ट्रैप इवेंट में टीम कांस्य पदक

- 2015 इटली में डबल ट्रैप इवेंट में टीम कांस्य पदक।

- 2006 जर्मनी में डबल ट्रैप जूनियर में टीम कांस्य पदक।

कॉमनवेल्थ गेम्स

- 2014 ग्लास्गो में हुए गेम्स में डबल ट्रैप में कांस्य पदक

कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप

- 2010 में नई दिल्ली में हुई प्रतियोगिता के डबल ट्रैप इवेंट में टीम स्वर्ण पदक।

- 2010 नई दिल्ली में हुई प्रतियोगिता के डबल ट्रैप इवेंट में रजत पदक।

आईएसएसएफ वर्ल्ड कप

- 2003 नई दिल्ली में डबल ट्रैप जूनियर इवेंट में स्वर्ण पदक।

- 2015 निकोसिया में हुए डबल ट्रैप इवेंट में कांस्य पदक ।

एशियन चैंपियनशिप

-2017 अस्थाना में डबल ट्रैप में स्वर्ण पदक

-2012 दोहा में डबल ट्रैप इवेंट में टीम कांस्य पदक

- 2011 कुआलालंपुर में डबल ट्रैप इवेंट में टीम कांस्य पदक

- 2007 में कुवैत में टीम स्वर्ण पदक

- 2007 में कुवैत में डबल ट्रैप इवेंट में रजत पदक

- 2014 में अल अल ऐन में हुए डबल ट्रैप इवेंट में कांस्य पदक

- 2014 में अल ऐन में हुए डबल ट्रैप इवेंट में टीम कांस्य पदक\

- 2014 दोहा में डबल ट्रैप इवेंट में टीम कांस्य पदक

एशियन ओलंपिक* क्वालीफाइंग टूर्नामेंट : 2016 नई दिल्ली में हुए डबल ट्रैप इवेंट में कांस्य पदक।

मलेशियन ओपन शॉट गन चैंपियनशिप* : 2011 में मलेशिया में हुए डबल ट्रैप इवेंट में स्वर्ण पदक।

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