मेरठ, जेएनएन। मेरठ में पुरातत्व विभाग का नया सर्किल बनने के बाद हस्तिनापुर को नया सब सर्किल बनाया गया है। पिछले करीब एक वर्ष से पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग की सक्रियता काफी बढ़ती जा रही है। जिससे लगता है कि अब पांडव टीले के दिन भी बहुरेंगे और महाभारत कालीन अवशेषों का संरक्षण हो सकेगा।

मेरठ मंडल के अंतर्गत आने वाले पुरातात्विक स्थल पहले पुरातत्व विभाग के आगरा सर्किल के अधीन आते थे। हाल ही में मेरठ को पुरातत्व विभाग का नया सर्किल बनाया गया था। अब हस्तिनापुर को मेरठ के सब सर्किल का दर्जा दिया गया है। जिससे बहुत समय से विरान पड़ा हस्तिनापुर पांडव टीले पर विकास होने की आस जगी है। बता दें कि मुख्य मार्ग पर ही पांडव टीले पर एएसआइ का कार्यालय भी बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार विभाग शीघ्र ही पांडव टीले को अवैध कब्जों से मुक्त कराने तथा सौंदर्यीकरण कराने जा रहा है गत वर्ष जारी हुए बजट में हस्तिनापुर में संग्रहालय बनाने की घोषणा की गई थी। जिससे हस्तिनापुर में विकास की उम्मीदों को पंख लगेंगे। राष्ट्रीय संग्रहालय बनने से हस्तिनापुर को एक नई पहचान मिलेगी और पांडव टीले से मिलने वाले अवशेष भी संरक्षित रह सकेंगे।

पश्चिम यूपी में बढ़ेगा पर्यटन

राष्ट्रीय संग्रहालय की स्थापना हस्तिनापुर के साथ-साथ पश्चिम यूपी को चमकाने की कोशिश की जा रही है। हस्तिनापुर पहले से ही भाजपा के एजेंडे में शामिल रहा है। राष्ट्रीय संग्रहालय स्थापित होने से वेस्ट यूपी में हस्तिनापुर एक बड़ा पर्यटन हब बन सकता है।

अर्थव्यवस्था भी चमकेगी

हस्तिनापुर में राष्ट्रीय संग्रहालय स्थापित होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी चमकेगी। यहां के लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राष्ट्रीय संग्रहालय स्थापित होने से पर्यटकों की संख्या में स्वभाविक बढ़ोत्तरी होगी और यहां के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेगी। जिससे क्षेत्र की आíथक व्यवस्था भी सुधरेगी।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप