सहारनपुर, जेएनएन। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने लव जिहाद पर बने कानून को संविधान के दिशा-निर्देशों के खिलाफ और नागरिकों की स्वतंत्रता एवं अधिकारों पर हमला करार दिया है। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि लव जिहाद कानून की आड़ में एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। जमीयत ने ऐसे मामलों में पीड़ितों की कानूनी मदद करने का फैसला किया है।

जमीयत ने शुरू किया कानूनी संघर्ष

रविवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि लव जिहाद कानून की आड़ में एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। सरकारों के इस भेदभावपूर्ण और अत्याचारी व्यवहार के विरुद्ध अब जमीयत ने अपना कानूनी संघर्ष शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के सीतापुर शहर में लव जिहाद के नाम पर दो महिलाओं समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिनपर दर्ज किए गए मुकदमों को समाप्त किए जाने और उन्हें फौरन जेल से रिहा किए जाने संबंधी याचिका जमीयत की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच में दाखिल किया गया है।

जमीयत नहीं करेगा बर्दाश्‍त

कहा गया है कि सरकारें लव जिहाद के नाम पर मुसलमानों को भयभीत कर रही हैं और संविधान द्वारा प्राप्त मौलिक अधिकारों का सत्ता बल के माध्यम से उल्लंघन कर रही हैं। मदनी ने कहा कि कानून बनाते समय दावा किया गया था कि यह सब पर समान रूप से लागू होगा और किसी समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। जबकि उत्तर प्रदेश में इस संविधान विरोधी कानून का धड़ल्ले से एक विशेष समुदाय के खिलाफ प्रयोग हो रहा है। जिसे जमीयत किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। 

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप