मेरठ, जेएनएन। एनएच-334 पर गांव ढिकोली में विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर पूर्व मंत्री हाजी याकूब और महकार सिंह पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंच जेसीबी को कब्जे में ले लिया। मामले में भाजपा नेताओं के संलिप्त होने की भी चर्चा है।

ढिकोली के खसरा नंबर 112 की जमीन एसबी पेट्रोलियम कंपनी ने सन् 2002 में खरीदी थी। कंपनी ने पल्लवपुरम निवासी महकार सिंह के नाम जमीन खरीदी थी। महकार सिंह का आरोप है कि उसके भतीजे ने धोखाधड़ी कर पावर आफ अटार्नी से जमीन पूर्व मंत्री हाजी याकूब के दोनों बेटों इमरान और फिरोज के नाम कर दी थी। उधर, पूर्व मंत्री हाजी याकूब के कानूनी सलाहकार हशमे आलम का कहना है कि हाजी याकूब के बेटों ने सन् 2003 में राजकिशोर ढाका, प्रमोद कुमार और संजय तोमर से जमीन खरीदकर बैनामा किया था। इस समय जमीन पर हाजी याकूब के बेटों का कब्जा है, जिसमें पीपलीखेड़ा निवासी शाहनवाज खेती करता है।

गुरुवार को महकार सिंह का बेटा कुछ लोगों के साथ पहुंचा और खेत में जेसीबी चलवाना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी को कब्जे में ले लिया। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों से कागजात दिखाने के साथ-साथ राजस्व विभाग की टीम को बुलाकर जांच कराने की बात की। पुलिस ने जेसीबी को भी वापस कर दिया

इन्होंने कहा--

जमीन पर महकार सिंह का कब्जा है। वह जमीन बेचना चाहते हैं। शिव सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष जिले सिंह महकार सिंह के बेटे के साथ जमीन देखने गए थे। जमीन पर सफाई के लिए जेसीबी ले गए थे। मामला बढ़ने के बाद सूचना पाकर मैं थाने पहुंचा और पुलिस से सही कार्रवाई करने की मांग की गई।

-रामकुमार चौबे, मंडल अध्यक्ष भाजपा, जागृति विहार -जमीन पूर्व मंत्री हाजी याकूब के बेटे इमरान और फिरोज ने 2003 में खरीदी थी। जिसका दाखिल खारिज भी है। हाईकोर्ट के आदेश की कापी पुलिस को दे दी गई है। जमीन पर कब्जा भी पूर्व मंत्री का है। गुरुवार को महकार पक्ष के लोगों ने जेसीबी से फसल नष्ट कर दी। मामले में शिकायत कर दी गई है।

हशमे आलम, कानूनी सलाहकार, हाजी याकूब, पूर्व मंत्री

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