मेरठ, जेएनएन। शरीर में आयोडीन की कमी से शारीरिक व मानसिक कमजोरी की समस्या हो सकती है। बच्चों का मंदबुद्धि होना, बहरापन और महिलाओं में गर्भपात भी हो सकता है। आयोडीन युक्त नमक के सेवन से शरीर को रोजाना की आवश्यकता के आयोडीन की पूर्ति हो जाती है।

आयोडाइज्ड नमक में पर्याप्त मात्रा में होता है आयोडीन

पीएल शर्मा चिकित्सालय के फिजिशियन डा. सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि लोगों में जागरूकता के लिए 21 अक्टूबर को विश्व आयोडीन अल्पता विकार दिवस मनाया जाता है। बाजार में मिलने वाले आयोडाइज्ड नमक में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन मौजूद रहता है। एक चौथाई चम्मच आयोडीनयुक्त नमक में करीब 71 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है। जबकि दिनभर में 150 माइक्रोग्राम की जरूरत होती है। बाकी की कमी दूध-अंडा, चीज, मछली, सी-फूड, प्याज, शाक-सब्जी से हो जाती है। इनमें अच्छी मात्रा में आयोडीन होता है। उन्होंने बताया आयोडीन की कमी से मुख्य रूप से थायराइड से संबंधित बीमारियां उत्पन्न होती हैं। घेंघा रोग भी उनमें से एक है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के लिए यह अभी समस्या का विषय बना हुआ है। वहां के पानी में आयोडीन की कमी होती है। पैकेट वाले नमक को भी उपयोग की अवधि के अंदर ही प्रयोग करना चाहिए। निर्धारित अवधि के बाद नमक से आयोडीन का लोप हो जाता है। 

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