मेरठ, जेएनएन। आनंद अस्पताल के प्रबंध निदेशक हरिओम आनंद की आत्महत्या के मामले में सुभारती ग्रुप के ट्रस्टी अतुल कृष्ण भटनागर और उनकी पत्नी मुक्ति भटनागर के खिलाफ भी एसएसपी को शिकायत दी गई है। इसके बाद अतुल कृष्ण ने गुरुवार को 4.14 मिनट का वीडियो वायरल कर सफाई दी है। अतुल भटनागर ने वीडियो में कहा कि हरिओम आनंद के परिवार वालों द्वारा हम पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। हरिओम आनंद को ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण सात मई-2005 को निष्कासित कर दिया था। उन्होंने मेरठ के सिविल कोर्ट में चैलेंज किया, लेकिन हार गए। इसके बाद उच्चतम न्यायालय में वाद दायर किया। 2006 में उस केस को भी वापस ले लिया, जिससे स्पष्ट हो जाता है कि उन्हें पूरी तरह विधिक रूप से निकाला गया था। उस संदर्भ में किसी के लेन-देन का मामला खत्म हो जाता है।

मानसी ने मनगढ़ंत कहानी बनाई

लोकप्रिय अस्पताल के शेयर की बात करें तो हरिओम को पूरा भुगतान कर शेयर ले लिए थे। सुभारती पर जो ऋण था, वो लगभग 70-80 लाख मय ब्याज के वापस दे दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि मानसी ने मनगढ़ंत कहानी बनाई कि मैंने और मेरी पत्नी ने उन्हें पैसे देने का वायदा किया। उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि हरिओम की मृत्यु के पीछे कोई पारिवारिक कारण भी हो सकता है। उनका कहना है कि 2002 से हरिओम की मांग रही थी कि सुभारती ट्रस्ट को बेचकर उनको एक तिहाई रकम दे दें। उनकी यह मांग कभी स्वीकार नहीं की गई। अतुल ने कुद दस्तावेज भी जारी किए हैं और हरिओम आनंद के अंतिम पत्र पर सवाल भी खड़े किए हैं। हस्ताक्षर मिलान और पत्र की जांच की मांग की है।

मानसी ने यह दिया जवाब

अतुल भटनागर का वीडियो वायरल होने के कुछ देर बाद ही मानसी ने कहा कि 2006 में अतुल भटनागर के खिलाफ कोर्ट में डाला गया केस इसलिए वापस लिया था क्योंकि अतुल ने भरोसा दिलाया था कि 1.80 करोड़ रुपये हरिओम आनंद के बैंक खाते में डाले जाएंगे। हर साल ब्याज आने पर रकम बढ़ती जाएगी। उनके इसी झांसे में आकर पिता हरिओम आनंद ने केस वापस ले लिया था। लेकिन केस वापस लेने के बाद भी खाते में रकम नहीं आई। अतुल कृष्ण से बात की गई तो उन्होंने एक और पत्र में लिखा था कि आप ऋण लेकर कार्य करो। किश्त ट्रस्ट से अदा की जाएंगी। पिता लोन लेकर काम करते रहे। अतुल ने किश्त भी नहीं दी। मानसी ने यह आरोप लगाया कि हमारे एकाउंटेंट निर्मल शर्मा की हत्या भी अतुल कृष्ण ने ही कराई थी। हमारे पास पकड़े गए आरोपितों के बयानों के वीडियो भी हैं। इसमें उन्होंने बताया कि निर्मल शर्मा को सभी खातों की पूरी जानकारी थी।

पापा की परेशानी से थीं परेशान

ऐसे में वह हरिओम आनंद को ट्रस्ट की पूरी रकम के बारे में जानकारी दे सकते थे, इसलिए अतुल कृष्ण ने उनकी हत्या करा दी। सीबीआइ ने मामले की जांच भी की और अभी मामला कोर्ट में है। मानसी ने अतुल कृष्ण के उस बात का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने आत्महत्या की वजह पारिवारिक विवाद होने की आशंका जताई थी। मानसी बोलीं, 10वीं में पढ़ते हुए ही मैं पापा का हाथ बंटाने लगी थी। पापा ने अंतिम समय में यह बात इसलिए कही क्योंकि मैं उनकी परेशानी देखकर ज्यादा परेशान रहती थी। वह बोलीं, अतुल 15 वकील खड़े कर सकते हैं। मैं ऐसा तो नहीं कर पाऊंगी पर पारिवारिक वकील से साबित करूंगी कि अतुल भटनागर की वजह से ही हमारा परिवार आज इस स्थिति तक पहुंचा है।

आत्महत्या नहीं, यह तो हत्या है : मीना आनंद

हरिओम आनंद की पत्नी मीना आनंद ने कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। उसके गुनाहगार शेयर होल्डर और सुभारती ग्रुप के ट्रस्टी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शेयर होल्डर अस्पताल हथियाना चाहते थे। उधर, मानसी ने अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी की है। इन आरोपों पर शेयर होल्डरों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

इनका कहना है

मानसी की तरफ से मिले शिकायत पत्र पर एसपी सिटी जांच कर रहे हैं। निष्पक्ष जांच करने के बाद वे रिपोर्ट देंगे। उनकी जांच रिपोर्ट के बाद ही शेयर धारकों, फाइनेंसरों और अतुल भटनागर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरे पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

- अजय साहनी, एसएसपी 

Posted By: Prem Bhatt

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