मेरठ । रोहटा रोड का निर्माण तो शुरू हो गया, लेकिन अब भी इसमें तमाम बाधाएं सामने आ रही हैं। सड़क किनारे निर्माणाधीन नाले के बीच एचटी लाइन का पोल आ रहा है। जिसे शिफ्ट करने के लिए एमडीए और ऊर्जा निगम के अधिकारी एक-दूसरे जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इससे निर्माण कार्य रुकने की आशंका गहरा गई है।

लंबे अरसे तक चले आंदोलन के बाद रोहटा रोड के निर्माण को शासन ने 12.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इतना ही नहीं 2.49 करोड़ की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। जिसके बाद सड़क किनारे नाले का निर्माण कार्य शुरू हो गया। लेकिन निर्माण कार्य पूरा में एचटी लाइन का पोल बाधा बनकर खड़ा है। ऊर्जा निगम ने इसकी शि¨फ्टग से हाथ खींचते हुए एमडीए पर जिम्मेदारी डाल दी। अब एमडीए के अधिकारी भी पीछे हट रहे हैं। जनकल्याण वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष दुष्यंत रोहटा का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की गई। लेकिन, अभी तक यह तय नहीं हो सका कि कौन सा विभाग पोल शिफ्ट कराएगा। उन्होंने कहा कि समस्या के निस्तारण को सोमवार को प्रतिनिधिमंडल डीएम से मुलाकात करेगा। कचहरी परिसर में गंदगी देख नाराज हुए जिला जज

मेरठ । जिला जज एके पुंडीर ने शनिवार को दोपहर बाद कचहरी परिसर का न्यायिक अधिकारियों व नजारत प्रभारी के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने कचहरी की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

शनिवार को दोपहर बाद जिला जज एके पुंडीर, प्रथम अपर जिला जज पीके श्रीवास्तव, अपर जिला जज अशरफ अंसारी, नजारत प्रभारी अपर जिला जज हरबंश नारायण, परिवार न्यायाधीश मोहम्मद शाहिद, सिविल जज त्रिभुवन नाथ व सीजेएम अभय प्रकाश नारायण और कोर्ट मैनेजर लोकेश पंवार, वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी नरेन्द्र पाल सिंह व धनपाल के साथ कचहरी परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने जनरेटर के पास खुले में गंदगी फैलाने वालों को रोकने के निर्देश दिए। साथ ही कचहरी परिसर में कई जगह लगे कूड़े के ढेरों की सफाई कराने के निर्देश भी दिए।

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