मेरठ : लिसाड़ी गेट के लक्खीपुरा में चल रही पिस्टल बनाने की फैक्ट्री के पीछे बड़ा राज छिपा हो सकता है। करीब 15 फुट गहरे तहखाने में चल रही इस फैक्ट्री के कारीगरों को टारगेट मिला हुआ था कि वह 24 घंटे में 50 पिस्टल बनाएंगे। मुंगेर से भी कारीगरों को इसलिए ही बुलाया गया था, ताकि वह स्पीड से और बेहतर काम करते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर असलाह की इतनी बड़ी खेप तैयार करा रहा था।

गौरतलब है कि दिल्ली की स्पेशल सेल के एसीपी मनोज दीक्षित के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक और कुलदीप सिंह ने लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के लक्खीपुरा में फुरकान के मकान पर छापा मारकर 20 से अधिक पिस्टल पकड़ी थी। वहीं, इसी मकान में बनी 64 पिस्टल दिल्ली से बरामद की गई थी। यहां से पकड़े गए आरोपित सइदुल्ला, साबिर, इंतियाज मुंगेर बिहार के है। वहीं नसीम दौराला का रहने वाला है। मकान मालिक फुरकान की पुलिस तलाश कर रही है, लेकिन वह अभी तक नहीं मिला। पुलिस ने बुधवार को भी फुरकान के मकान में पहुंचकर जांच की। जांच में सामने आया कि जिस तहखाने में पिस्टल बनाई जा रही थी, उसकी गहराई करीब 15 फुट है। वहीं तहखाने में जाने के लिए एक सीढ़ी लगी हुई है। आरोपित फुरकान के परिवार की महिलाएं बता रही है कि उन्होंने यह मकान पांच हजार रुपये में किराए पर दिया हुआ था। अब पुलिस फुरकान की तलाश कर रही है ताकि आगे का अपडेट मिल सके।

मकान बिकाऊ का लगा है बोर्ड

इस मकान के बाहर एक बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है कि मकान बिकाऊ है। पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि मकान को किराए पर लेने वाले दिन में यहां नहीं आते थे। रात के समय आते थे और अपना काम शुरू कर देते थे।

इन्होंने कहा--

फुरकान की तलाश चल रही है। उसके गिरफ्तार होते ही हमारे हाथ में बहुत कुछ होगा। प्रकरण को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। गंभीरता से देखा जा रहा है।

दिनेश कुमार शुक्ला, सीओ कोतवाली

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