मेरठ। आखिरकार दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का सपना सच होता नजर आ रहा है। दिल्ली से मेरठ तक 55 मिनट में सफर का सपना सच करने को प्रोजेक्ट की मॉनिट¨रग के लिए मेरठ के साकेत में कार्यालय खोल दिया गया है। अब बस इसका औपचारिक उद्घाटन होना बाकि है। उम्मीद है कि सिंतबर अंत तक सभी कार्य पूर्ण कर इसका उद्घाटन किया जाएगा। जिससे मेरठ के स्टेशनों पर कार्य शुरु हो सके। इससे दो दिन पहले रैपिड रेल की फाइल लोक निवेश बोर्ड (पीआइबी) में जा चुकी है। वहां से फाइनल रिपोर्ट आने के बाद कैबिनेट में इसे पास कर पहले चरण में दुहाई से साहिबाबाद तक कार्य शुरु कराया जाएगा। दैनिक जागरण ने अपने 12 सितंबर के अंक में 'साकेत में खुलेगा रैपिड रेल कार्यालय' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।

साकेत स्थित ई-215 में शुरु किए गए इस कार्यालय में एनसीआरटीसी के इंजीनियरों ने बैठना शुरु कर दिया है। यहां से कैबिनेट की सहमति के बाद मेरठ की सीमा में आने वाले स्टेशनों पर कार्य शुरु कर दिया जाएगा। इस कार्यालय में दो तल होंगे। पहले तल पर अधिकारी और दूसरे तल पर कार्य की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए दूसरे तल पर कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं। वहीं प्रथम तल पर वेटिंग रुम के साथ अधिकारियों के लिए अलग-अलग केबिन बनाए गए हैं।

रैपिड रेल का तीसरा कार्यालय

एनसीआरटीसी के कॉरपोरेट कार्यालय के अतिरिक्त मेरठ का परियोजना कार्यालय तीसरा कार्यालय होगा। इससे पहले दिल्ली और गुलधर में कार्यालय खोला जा चुका है। चरणों में शुरु होने वाले रैपिड रेल के कार्यालय भी इसी हिसाब से खोले गए हैं। जिससे प्रोजेक्ट की मॉनिट¨रग हो सके। मेरठ कार्यालय में मुख्य परियोजना अधिकारी के साथ डीजीएम, सिविल इंजीनियर, आइटी प्रोफेशनल आदि बैठेंगे।

मेरठ की सीमा में यह स्टेशन

मोदीपुरम, मेरठ उत्तर, डौरली, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दीनगर, रिठानी, परतापुर, मेरठ दक्षिण।

अभी भी कोई अपडेट नहीं

मंगलवार को रैपिड रेल प्रोजेक्ट को लोक निवेश बोर्ड (पीआइबी) में रखा गया, लेकिन वहां से अपडेट नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि बैठक में दिल्ली मेट्रो के फेज-4, भोपाल-इंदौर मेट्रो आदि प्रोजेक्ट भी रखे गए।

प्रोजेक्ट एक नजर में

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट

कुल किलोमीटर - 82

कुल स्टेशन - 24

कुल लागत - 31,632

इन्होंने कहा--

इंजीनियरों ने बैठना शुरु कर दिया है। हम तैयारी पूरी करना चाहते हैं। कैबिनेट से सहमति के बाद कार्य शुरु करने में देरी न हो सके।

सुधीर कुमार शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी

Posted By: Jagran