मेरठ: नेहा मर्डर मिस्ट्री से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। ये बात साफ हो गई है कि सुऐब ने पहले नेहा का कत्ल किया, फिर चलती कार में उसकी मां सुमनलता की भी गोली मारकर हत्या कर दी। पूरे मामले के चश्मदीद और इस जुर्म में सुऐब के साथ शरीक रहे अमित और संदीप के साथ पुलिस ने दो अन्य युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मंगलवार को पुलिस लाइन में हुई प्रेस कांफ्रेंस में एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पूरे मामले में सुऐब के दोस्त अमित, ईको कार चालक संदीप, कार मालिक नाजिश और गैराज मालिक जावेद को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि सुऐब से नेहा की मा सुमनलता की कई साल से जान पहचान थी। इसके चलते सुऐब की नेहा से भी करीबियां हो गई। कुछ दिन पहले तक नेहा सुऐब के पल्लवपुरम चौहान मार्केट स्थित आफिस में काम करती थी। अब सुऐब यहां मॉडलिंग के लिए दूसरा ऑफिस बना रहा था। इसी में कुछ दिन पहले से नेहा ने आना शुरू किया था। नेहा की दोस्ती अंकित नाम के युवक से भी थी।

अंकित के साथ शॉपिंग करने से तिलमिला गया सुऐब

सुऐब के दोस्त अमित के मुताबिक, वारदात वाले दिन छह अप्रैल को नेहा ऑफिस में थी। करीब 11 बजे नेहा के मोबाइल पर अंकित की कॉल आई। उसने नेहा को शॉपिंग के लिए बेगमपुल पर आने को कहा। सुऐब ने नेहा को जाने से मना कर दिया। इस पर नेहा ने मा सुमन को फोन कर शॉपिंग पर जाने की बात कही तो उन्होंने हां कर दी। करीब दो घंटे तक नेहा अंकित के साथ शॉपिंग करती रही। इस बीच सुऐब ने दस बार से भी ज्यादा मोबाइल पर कॉल की, लेकिन नेहा ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे सुऐब आग-बबूला हो गया। करीब ढाई घंटे बाद अंकित ने नेहा को सिटी सेंटर छोड़ दिया। वो ऑफिस में पहुंची तो सुऐब ने उसे गालियां देनी शुरू कर दी। बात इतनी बढ़ी कि सुऐब ने नेहा को पीटना शुरू कर दिया। विरोध करने पर तार से गला घोंट दिया।

दोस्त पहुंचा तो कांप रहा था सुऐब

इसके बाद सुऐब ने अपने दोस्त अमित को फोन कर ऑफिस आने के लिए कहा। अमित उस वक्त पत्‍‌नी के साथ था। वो उसे बस में बिठाकर सुऐब के पास पहुंचा तो वह कांप रहा था। उसने बताया कि नेहा फोन नहीं उठा रही थी, मैने उसे मार दिया। दोनों ऑफिस में भीतर पहुंचे तो नेहा की सांस चल रही थी। इसके बाद अमित और सुऐब ने दोबारा गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर सुऐब ने लावड़ से किराए की ईको कार मंगा ली। शाम को सुमनलता ने नेहा के बारे में पूछा तो सुऐब ने ईको कार से अमित को भेजकर उसे घर से बुलवा लिया।

फ्लेवर रेस्टोरेंट में कई घंटे बैठी रही सुमनलता

सुमन को लेकर अमित आबूलेन स्थित फ्लेवर रेस्टोरेंट में बैठा रहा। सुऐब की सुमन से फोन पर बात होती रही। वो कहता रहा कि नेहा दिल्ली में एक सेमिनार में गई है। रात को नेहा की लाश ठिकाने लगाने के बाद सुऐब रेस्टोरेंट पहुंचा और सुमन को नेहा से मिलवाने की बात कहकर गाड़ी में ले गया। यहां से अमित अपने घर चला गया। इसके बाद लावड़ पहुंचकर सुऐब ने अपनी स्कोडा खड़ी की और सुमन को साथ लेकर ईको कार में बैठ गया।

संदीप के सामने आया था बेटी का फोन

गाड़ी लावड़ से बाहर पेट्रोल पंप के पास पहुंची तो सुमन के पास उसकी बेटी श्वेता का फोन आ गया। सुमन ने यह कहकर फोन काट दिया कि बहुत टेंशन में हूं, और मोबाइल की बैटरी डाउन है। हालांकि कार में चार्जर भी लगा था। संदीप के मुताबिक अचानक बेटी के बारे में बार-बार पूछने पर सुऐब कार की सबसे पिछली सीट पर पहुंचा और चलती कार में सुमन को गोली मार दी। इसके बाद उसने गाड़ी मवी गांव वाले रास्ते पर मुड़वा दी। वो लगातार किसी से मोबाइल पर बात करता रहा।

कब्रिस्तान में खड़ा मिला सुऐब का बाप

जंगल में कब्रिस्तान के बाहर पहुंचने पर उसने गाड़ी रुकवा दी। वहां बाइक लेकर सुऐब का पिता अब्दुल हक और एक युवक खड़ा था। सुऐब ने सुमन की लाश कार से बाहर फेंकी और संदीप को गाड़ी लेकर जाने के लिए बोल दिया। संदीप सीधे कार लेकर मालिक नाजिश के पास पहुंचा और सारी बात बता दी। कार में खून पड़ा था। नाजिश ने सुमन के पर्स से सामान और कैश निकालकर पत्‍‌नी को दे दिया और पर्स में आग लगा दी। दोनों ने गैराज संचालक जावेद के पास पहुंचकर कार को धुलवाकर कत्ल के सुबूत मिटा दिए। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जावेद खड़ा-खड़ा कांपता रहा।

Edited By: Jagran