मेरठ : मेरठ-गाजियाबाद रेलवे ट्रैक पर इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) दौड़ाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। पिछले सात साल से इस ट्रैक पर चला आ रहा विद्युतीकरण का काम आखिरकार पूरा हो गया है। रेलवे विद्युतीकरण से जुड़े अफसरों के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) के दौरे के बाद ईएमयू का संचालन शुरू किया जा सकेगा।

मेरठ से दिल्ली के लिए रोजाना 30 से 35 हजार यात्री ट्रेन से गाजियाबाद व दिल्ली के लिए जाते हैं। सीमित ट्रेन और यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। करीब सात साल पहले रेलवे ने गाजियाबाद-मेरठ, मेरठ-सहारनपुर व मेरठ-खुर्जा के रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम शुरू किया था। मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर तो बीते साल काम पूरा होने के बाद इस साल मार्च में ईएमयू चल पड़ी। इसमें संगम व खुर्जा पैसेंजर के साथ ही मालगाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन से चल रही हैं। इससे यात्रा में समय भी काफी कम हो गया है, लेकिन इन सबमें मेरठ-गाजियाबाद के बीच ईएमयू सबसे महत्वपूर्ण है। दिल्ली से गाजियाबाद के बीच पहले ही ईएमयू चल रही है। मेरठ से गाजियाबाद के बीच भी काम लगभग पूरा हो चुका है। कहीं-कहीं यार्ड में छिटपुट काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यालय को प्रोग्रेस रिपोर्ट भेज दी गयी है। इस ट्रैक पर ईएमयू के चलते ही दिल्ली-गाजियाबाद के बीच चलने वाली कुछ ईएमयू को मेरठ तक विस्तारित करने की संभावना है।

रेलवे विद्युतीकरण के डिप्टी चीफ इंजीनियर आरके सिंह ने बताया कि काम पूरा हो गया है। मुख्यालय को भी रिपोर्ट देते हुए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी के दौरे की सिफारिश की गयी है। उनके दौरे के बाद ईएमयू के चलने का रास्ता साफ हो जाएगा।