मेरठ (हस्तिनापुर) : हस्तिनापुर के समीप से बहने वाली बूढ़ी गंगा नदी तकरीबन मृतप्राय अवस्था में है, जिसमें कभी पांडव स्नान किया करते थे। भू-माफिया के चंगुल में फंसी जलधारा दम तोड़ने के कगार पर है और प्रशासन पूरी तरह धृतराष्ट्र की भूमिका में है। धरोहरों को सहेजने का जिम्मा उठाने वाला पर्यटन विभाग भी हवा में हाथ-पांव मार रहा है।

किंवदंती है कि बूढ़ी गंगा में पांडव स्नान कर प्राचीन पांडेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे। द्रोपदी भी बूढ़ी गंगा में स्नान कर भगवान शिव की आराधना करती थीं। इसी वजह से यहां स्थित मंदिरों का नाम पांडेश्वर व द्रोपदेश्वर पड़ा। बूढ़ी गंगा नदी के किनारे वर्ष में दो बार कार्तिक पूर्णिमा व साताफेरी मेला भी आयोजित होता है। नदी के किनारे कर्ण मंदिर स्थित है। बहरहाल, प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा है कि पौराणिक धरोहरों को सहेजने का कार्य नहीं हो सका।

.. तो प्रवासी पक्षियों की संख्या में होगी कमी

बूढ़ी गंगा नदी की दलदली झीलों में प्रत्येक वर्ष अक्टूबर व नवंबर माह में प्रवासी पक्षियों की आमद होती है। बूढ़ी गंगा पर इसी प्रकार अवैध कब्जे होते रहे तो कुछ समय बाद ये दलदली झीलों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा और प्रवासी पक्षी भी इधर का रुख नहीं करेंगे।

काट दिए थे पट्टे

प्रशासन स्तर पर बंग्लादेश से आए विस्थापितों को पट्टे पर जमीन आवंटित की गई थी। कुछ वर्ष पूर्व प्रशासन की नींद खुली और तत्कालीन मंडलायुक्त देवेंद्र चौधरी ने उक्त पंट्टे निरस्त कर बूढ़ी गंगा की सफाई का निर्देश दिया था। कुछ समय पश्चात उनके स्थानांतरण के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई।

नियमों पर नहीं होता अमल

वर्ष 1986 में वन्य जीव विहार आरक्षित क्षेत्र घोषित होने के कारण यहां पट्टा भूमि की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लग गई, लेकिन भू-माफिया अब भी सक्रिय है। नतीजतन, पट्टा भूमि का दाखिल-खारिज जारी है। नियमों की अनदेखी करने वालों को प्रशासन का कोई खौफ नहीं है।

गंगा को निर्मल बनाने का लिया संकल्प

हस्तिनापुर : निजी विद्यालय प्रबंधक महासभा की बैठक रविवार को आयोजित हुई, जिसमें गंगा निर्मल बनाने का संकल्प लिया गया। गंगा जागरण अभियान के मद्देनजर आयोजित बैठक में गंगा नदी की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। महासभा के अध्यक्ष सुनील पोसवाल ने कहा कि गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाना सभी का दायित्व है। वक्ताओं ने कहा कि दैनिक जागरण परिवार की गंगा नदी को निर्मल बनाने की पहल स्वागत योग्य है। विभूति शर्मा, महिपाल सिंह, कपिल व मनोज आदि ने भी विचार रखे।