जागरण संवाददाता, मऊ : उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश, झारखंड आदि विभिन्न प्रदेशों में ई-कामर्स वेबसाइटों पर फेंक यूजर आइडी बनाकर कई प्रदेशों में साइबर अपराधियों ने अपना जाल फैलाया है। पुलिस के हत्थे चढ़े आनलाइन फ्राड करने वाले दोनों साइबर अपराधियों की जनपद पुलिस सहित कई प्रदेशों की पुलिस को इनकी लंबे अरसे से तलाश थी। साइबर अपराधियों की जड़ें कई प्रदेशों तक फैली हुई हैं। मध्य प्रदेश के थाना कोतवाली बालाघाट में साइबर ठगी के मामले में पकड़े गए दोनों साइबर अपराधी अभियुक्त थे। हालांकि जनपद पुलिस सहित एसटीएफ की पूछताछ में साइबर अपराधियों ने कई राज खोले हैं। पुलिस एक-दो दिनों में बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर सकती है।

साइबर अपराधी एचएसबी ह्वाटसअप ग्रुप का संचालन करते हैं। एचएसबी नामक ह्वाटसअप ग्रुप के जरिए विभिन्न मोबाइल कंपनियों का आम जनता के लिए फ्लैश आफर सेल की मोबाइलों को धोखाधड़ी कर अपने ग्रुप के मेंबरों से भिन्न-भिन्न स्थानों का पता दिखाकर धोखाधड़ी करके खरीद लेते हैं। इस मोबाइल को अपने खास दुकानदारों को बेचकर भारी लाभ कमाते हैं। इस ग्रुप के जरिए मोबाइलों की खरीद-फरोख्त का फ्लैश आफर के तहत विज्ञापन जारी करते हैं। फ्लैश आफर सेल की मोबाइल अपने खाते के एटीएम व इंटरनेट बैंकिग यूपीआइ के माध्यम से एवं कभी-कभी एचएसबी ग्रुप के प्रदान किए गए विभिन्न बैंकों के वर्चुअल कार्ड नंबर व ओटीपी से खरीदारी करते हैं। इन मोबाइल को बेंचकर एचएसबी ग्रूप के बताए गए खाते में रुपये डाल देते हैं। इस धोखाधड़ी से खरीदे गए मोबाइल के लिए यह किसी अपनी गिरोह के मोबाइल दुकान का सहारा लेते हैं। जनपद में मिर्जाहादीपुर स्थित श्रेया मोबाइल के माध्यम से आफर की मोबाइल ग्राहकों को देते थे। धोखाधड़ी की मोबाइल के धंधे के साथ ही इनका गिरोह आनलाइन ठगी भी करता है। साइबर फ्राड करके ई-कामर्स वेबसाइट पर आनलाइन कंपनियों में फेंक यूजर आइडी बनाकर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देते हैं। पुलिस ने डोमनपुरा से चमनपुरा मदनपुरा निवासी अम्मार अहमद व मिर्जाहादीपुरा निवासी नीतीश गुप्ता को गिरफ्तार कर उनके पास से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटाप, एक फ्रीज सहित आठ विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड को बरामद किया है। अम्मार अहमद की मोबाइल की जांच पड़ताल में लगभग 20 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड के पेमेंट में लिक मिले एवं डिलेवरी वाले पते के रूप में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड सहित विभिन्न प्रदेशों के जिलों के पते पंजीकृत पाए गए।

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