जागरण संवाददाता, मऊ : शहर के ढेकुलियाघाट तमसा नदी के पुल से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-29 को जोड़ने वाली सड़क नगर पालिका के लिए कूड़ा फेकने की महीनों से स्थाई जगह बनी हुई है। कूड़े में नगर पालिका प्रशासन के कर्मचारियों ने स्थाई रूप से आग लगाई हुई है, जिससे 24 घंटे बदबूदार धुआं निकलता रहता है। कभी-कभी तो धुआं इतना तेज निकलता है कि सड़क पर वाहन चलाने वालों को सामने अचानक कुछ दिखाई ही नहीं देता है, जिससे दुर्घटना की आशंका तो है ही, लोगों का सांस ले पाना भी जटिल हो जाता है। जबकि ज्वालामुखी की तरह कूड़े से कभी आग की लपटें तो कभी धुआं निकलता रहता है।

नगर पालिका प्रशासन के पास कूड़ा निस्तारण के लिए कोई निश्चित जगह नहीं है। कूड़े को कभी भीटी ओवरब्रिज के नीचे तो कभी नई सड़क पर गिरा दिया जाता है। किसी ने रोक-टोक नहीं किया तो रात के समय हनुमानघाट से थोड़ा पहले ही तमसा नदी के किनारे गिरा दिया जाता है। कूड़े में ज्यादातर पालीथिन व उनमें कैद जैविक कचरे होते हैं। तरह-तरह की पालीथिन व कचरे के जलने के वजह से कभी-कभी धुआं इतनी तीव्र गति से निकलता है कि सड़क पर चलने वाले राहगीरों की सांस फूलने लगती है। बाइक के सामने अचानक अंधेरा छा जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। नगर पालिका के पूर्व सभासद श्रीकांत त्रिपाठी, छोटेलाल गांधी आदि ने पालिका प्रशासन से कूड़ा निस्तारण का स्थाई समाधान ढूंढने व कचरे में आग न लगाने की मांग की है।

Posted By: Jagran