मऊ में कुएं में गत्ते पर फेंकी मिली नवजात, कीचड़ और चींटियों के बीच इस तरह मिली जिंदगी
मऊ के पांडेयपार गांव में एक नवजात बच्ची को कुएं में गत्ते पर फेंका हुआ पाया गया, जिसे ग्रामीणों और ...और पढ़ें

मऊ में कुएं में मिली नवजात बच्ची, ग्रामीणों और पुलिस ने बचाई जान।
HighLights
मऊ के पांडेयपार गांव में नवजात बच्ची कुएं में मिली।
ग्रामीणों और पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।
बच्ची को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा।
जागरण संवाददाता, बोझी (मऊ)। दुनिया में आंखें खोलने के बाद जिस मासूम को मां की गोद व पिता का सहारा मिलना चाहिए था, उसे बड़राव विकास खंड के पांडेयपार गांव में एक लगभग पट चुके कुएं में गत्ते पर पड़ा छोड़ दिया गया। शनिवार दिन में लगभग बारह बजे नवजात बच्ची की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
मासूम को इस हालत में देखकर हर किसी का दिल दहल उठा। गनीमत रही कि समय रहते लोगों की नजर उस पर पड़ गई और पुलिस को सूचना दे दी गई। घोसी थाना क्षेत्र की बोझी पुलिस चौकी अंतर्गत पांडेयपार गांव के उत्तर पोखरे के पास स्थित कुएं में नवजात बच्ची मिली। सूचना मिलते ही बोझी चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़रांव पहुंचाया, जहां उसे प्राथमिक चिकित्सा दी गई। इसके बाद जनपद मुख्यालय को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची जिला प्रोबेशन की टीम नवजात को अपने संरक्षण में लेकर देखभाल के लिए चली गई। इस दौरान गांव के एक नि:संतान व्यक्ति ने बच्ची को अपनाने की इच्छा जताई।
हालांकि टीम ने तत्काल बच्ची को सौंपने से इनकार कर दिया। बच्ची को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्टाप नर्स मनोरमा यादव ने बताया कि बच्ची गंदगी में थी और चीटियां उसपर लग गई थी। साफ करके इलाज किया गया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डा. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि बच्ची के मुंह में कचरा चला गया है। चिकित्सकों की सलाह पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची स्वस्थ्य हो जाएगी तो 45 दिनों तक हमारे पास रहेगी। उसके बाद सरकारी प्रक्रिया को पूरा करके जरूरतमंद को सौंपी जाएगी।
