मऊ में समय से पहले ही बंद हुई थी घोसी चीनी मिल, इससे उत्पादन भी इस बार कम हुआ
घोसी चीनी मिल समय से पहले बंद होने के बावजूद एक लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी है, जबकि ...और पढ़ें

घोसी चीनी मिल का उत्पादन घटा, मऊ में जमाखोरी पर प्रशासन सख्त।
HighLights
घोसी चीनी मिल ने एक लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया।
जमाखोरी के कारण चीनी की कीमतों में भारी उछाल आया।
मऊ में चीनी व्यापारियों के स्टॉक की जांच की गई।
जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ)। घोसी चीनी मिल ने हमेशा चीनी के उत्पादन में अव्वल रही है। निर्धारित समय से पहले बंद होने के बावजूद चीनी मिल ने एक लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था, जबकि पिछले वर्ष एक लाख 80 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था। यहां के सारे गन्ना सठियांव चीनी मिल को भेजा गया था।
ऐसे में चीनी मिल सठियांव में चीनी का स्टाक काफी बढ़ा है। चीनी का उत्पादन हर साल की अपेक्षा कम नही हुआ है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो व्यापारियों की जमाखोरी की वजह से चीनी का दाम बढ़ा है। ऐसे में प्रशासन जमाखाेरी पर पूरी तरह सख्त है। जमाखोरी करने वाले व्यापारी प्रशासन के निशाने पर हैं।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो चीनी की कीमतों में लगी आग चीनी मिलों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। विदेश से चीनी की आवक या नवंबर माह में चीनी मिलों में उत्पादन प्रारंभ होने के बाद ही चीनी की कीमतों पर नियंत्रण संभव है। घोसी चीनी मिल बीच सत्र में ही बंद हाेने से मात्र एक लाख क्विंटल ही चीनी का उत्पादन हो सका।
चीनी मिलें स्वयं के स्तर से चीनी की बिक्री करने को स्वतंत्र नहीं है। चीनी मिल फेडरेशन के निर्देशानुसार ही मिल संबंधित व्यवसायी को चीनी की आपूर्ति करती है। फेडरेशन ही क्रेता व प्रति क्विंटल कीमत तय करता है। अब तक चीनी मिल ने लगभग 83 हजार क्विंटल की बिक्री किया है। अब मिल के भंडार कक्ष में 17 हजार क्विंटल लेवी (शासन स्तर से निर्धारित मात्रा) चीनी ही अवशेष है। पश्चिम उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में नवंबर माह में पेराई प्रारंभ होने के बाद ही बाजार में नई चीनी की खेप आएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश की मिलों में नवंबर के अंतिम या दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में ही पेराई संभव होगी।
कीमतों में जुलाई से ही उछाल
जुलाई के पूर्व तक चीनी की प्रति क्विंटल कीमत 3400 से 3800 के बीच रही। जुलाई माह में वृद्धि प्रारंभ हुई तो कीमत पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। अगस्त माह में कीमतों में कमोबेश प्रतिदिन उछाल आने लगा। शुक्रवार को चीनी मिल ने 5700 रुपये प्रति किग्रा की दर से चीनी की बिक्री किया है। ब्राउन शुगर की कीमतों में भी उछाल आ रहा है। इसी के चलते फेडरेशन के निर्देश पर चीनी मिल ने अभी लगभग नौ हजार कुंतल चीनी आरक्षित रखा है।
बोले मिल अधिकारी
चीनी मिल में लेवी चीनी के रूप में लगभग 17 हजार कुंतल एवं लगभग नौ हजार क्विंटल ब्राउन शुगर उपलब्ध है। फेडरेशन के निर्देशनुसार ही इसकी बिक्री व आपूर्ति की जाएगी। -विनोद यादव, मुख्य गन्ना अधिकारी, चीनी मिल घोसी
तीन चीनी कारोबारियों के स्टाक की जांच
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन के निर्देश पर मार्केटिंग व सप्लाई विभाग की टीम ने ने शनिवार को चीनी मिल के कारोबारियों के स्टाक की जांच की। टीम सबसे पहले सदर चौक के भेली बाजार स्थित लल्लू प्रसाद चंद्रप्रकाश, मुमताज अहमद एंड ब्रदर्स व इंडियन ट्रेडर्स के स्टाक की जांच की। इस दौरान यहां चीनी का पूरा स्टाक मिला। टीम ने कारोबारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी कीमत पर चीनी की जमाखोरी नहीं होनी चाहिए। अगर जमाखोरी करते हएु कोई मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान टीम में डिप्टी आरएमओ विनय प्रताप सिंह व सप्लाई इंस्पेक्टर विनोद अग्रहरि आदि शामिल थे।
