जागरण संवाददाता, मधुबन (मऊ) : दुबारी टेलीफोन एक्सचेंज पर स्थानीय तहसील क्षेत्र के कई गांव का भार है लेकिन केवल दो कर्मचारियों के भरोसे पूरी व्यवस्था संचालित हो रही है। केंद्र का बुधवार को जब जागरण टीम ने दौरा किया तो कई तथ्य सामने आए, जो इसकी बदहाली की दास्तां बयां करते हैं। 24 घंटे ड्यूटी एक ही गार्ड की

दिन में करीब 12 बजे वहां पहुंचने पर केवल संविदा पर तैनात गार्ड छोटेलाल यादव मौजूद मिले। पता चला कि वर्तमान में वहां केवल दो कर्मचारी ही तैनात हैं। फोन मैकेनिक के पद पर तैनात कर्मचारी सुरेंद्र यादव फील्ड में गए हैं। एक अकेला गार्ड छोटेलाल यादव 24 घंटे ड्यूटी करने को विवश है क्योंकि दूसरा कोई कर्मचारी है ही नहीं। पहले यहां गार्ड के पद पर दो लोग तैनात थे जो कि 12-12 घंटे की ड्यूटी करते थे लेकिन छह माह पहले एक गार्ड ने काम छोड़ दिया। अब तक उसके स्थान पर किसी दूसरे की नियुक्ति नहीं हुई। मजबूरी में में एक अकेले को 24 घंटे की ड्यूटी निभानी पड़ रही है। महीनों से खराब पड़े हैं बल्ब

दूरसंचार केंद्र की दर्जनों बल्ब महीनों से खराब पड़े हैं। पिछले आठ महीनों से दो बैटरी खराब हैं। पूरा बैकअप नहीं मिल पा रहा है। कई बार की शिकायत के बाद भी न तो बैटरी बदली जा रही है और न ही लाइट संबंधित समस्या का समाधान हो पा रहा है। यहां तैनात गार्ड ने बताया कि हालांकि यहां जनरेटर भी लगा है लेकिन सप्ताह में केवल 50 लीटर डीजल ही मिलता है जो कि जनरेटर की ही आवश्यकता को पूरी नहीं कर पाता है। जब कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है तो अंधेरा तो छाया ही रहता है, नेटवर्क भी गायब हो जाता है। इस संबंध में कई बार शिकायत के बाद भी नतीजा शून्य है। आवास से परिसर तक गंदगी की भरमार

साफ-सफाई के नाम पर पूरा परिसर खर-पतवार से पटा पड़ा है। 1995 में बने इस केंद्र पर अधिकारीयों के रहने के लिए एक आवास का निर्माण हुआ था मगर आज तक कोई यहां रहता ही नहीं। लाखों की लागत से बनी इमारत धूल फांक रही है। कुल मिलाकर यह केंद्र समस्याओं के मकड़जाल में उलझा नजर आया।

Posted By: Jagran