जागरण संवाददाता, मऊ : सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप प्रोन्नति वेतनमान स्वीकृत होने के बाद भी वेतन निर्धारण का शासनादेश जारी न होने से सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों में आक्रोश है। मंगलवार को बीएसए कार्यालय में प्रदर्शन कर शिक्षकों ने वेतन निर्धारित किए जाने के साथ ही सहायता प्राप्त जूनियर स्कूलों को बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों की भांति सभी सुविधाएं देने एवं कायाकल्प योजना से आच्छादित किए जाने की मांग की।

सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के बैनर तले लामबंद शिक्षकों का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष मुखलाल यादव ने कहा कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के कर्मचारियों की उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। सांतवे वेतन आयोग के अनुसार वेतन निर्धारण का शासनादेश अविलंब जारी किया जाना चाहिए। लिपिकों का ग्रेड पे 1900 की बजाय 2000 रुपये का शासनादेश जारी कर दिया गया है, लेकिन सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिपिकों के लिए अब तक जारी नहीं किया गया है। विद्यालयों के विकास व व्यवस्था के लिए कंपोजिट ग्रांट की मांग करते हुए शिक्षकों ने नियुक्ति अभिलेख मांगकर बीएसए के वेतन रोकने की कार्रवाई की निदा की और इस रोकने पर जोर दिया। इस दौरान संघ के महामंत्री आलोक कुमार सिंह, अवधेश कुमार राय, सहजानंद सिंह, राणाप्रताप सिंह थे।

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