जागरण संवाददाता, मऊ :

निर्वाचन आयोग ने पहली बार मतदान कर्मियों के मतदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। विधानसभा चुनाव में करीब 10192 मतदान कर्मी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदान कर्मियों को वोट देने के लिए दो वर्गों में विभाजित किया गया। इसके लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है। इसका प्रभारी डीसी मनरेगा उपेंद्र पाठक को बनाया गया है।

इसके लिए सारी प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जा रहा है। अपने विधानसभा में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को मतदान के दिन ही उसी बूथ पर मतदान करने की व्यवस्था रहेगी जबकि दूसरे विधानसभा में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को द्वितीय प्रशिक्षण के दिन पोस्टल बैलेट से मतदान की व्यवस्था रहेगी।

जनपद में चार विधानसभा सदर, मधुबन, घोसी व मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित के लिए अंतिम चरण में आगामी 7 मार्च को मतदान होना है। इसके लिए 905 मतदान केंद्र व 1960 बूथ बनाए गए हैं। सभी मतदेय स्थलों पर 30 फीसद रिजर्व के साथ कुल 10192 मतदान कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। जनपद में कुल क्रिटिकल मतदेय स्थल 167 एवं बल्नरेबल मतदान केंद्र 62 हैं। पहली बार चुनाव आयोग ने मतदान में ड्यूटी लगने वाले कर्मचारियों के लिए पोस्टल मतदान की सुविधा की है। इसके तहत प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। नोडल अफसर डीसी मनरेगा उपेंद्र पाठक को बनाया गया है। सहायक नोडल अफसर अर्थ एवं संख्या अधिकारी ददन कुमार को तथा अपर सांख्यिकीय अधिकारी आरपी गुप्ता सहित अन्य कर्मचारियों को टीम में शामिल किया गया है। यह संबंधित मतदान कर्मियों को मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। इसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में अधिकारियों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। प्रतिदिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अजय कुमार गौतम, निवार्चन कार्यालय की प्रभारी हर्षिता तिवारी, अपर सांख्यिकीय अधिकारी रजनीश राय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। जिलाधिकारी अरुण कुमार के निर्देश पर यह तीनों अफसर चुनाव की सारी प्रक्रियाओं को अंजाम दे रहे हैं।

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वर्जन

चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मियों को दो चरणों में मतदान की सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए सारी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। 17 फरवरी से पहले सारी रणनीति बना ली जाएगी। इसके लिए डीसी मनरेगा को निर्देशित भी कर दिया गया है। वह अपनी टीम के साथ अलर्ट हो गए हैं।

-भानु प्रताप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।

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Edited By: Jagran