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मऊ में RTE से गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में कक्षा 8 तक फ्री शिक्षा, मुफ्त मिलेगी ये सुविधाएं

Published: Mon, 27 Apr 2026 07:05 PM (GMT+05:30)

मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी स्कूलों ...और पढ़ें

RTE से गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में कक्षा 8 तक फ्री शिक्षा।

RTE से गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में कक्षा 8 तक फ्री शिक्षा।

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जागरण संवाददाता, मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए अब निजी विद्यालयों में भी बेहतर शिक्षा का रास्ता खुल गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत ऐसे बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे भी अन्य बच्चों की तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ पढ़ाई कर सकें।

इस योजना की खास बात यह है कि इसमें चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में बिना किसी शुल्क के प्रवेश मिलता है। ट्यूशन फीस, किताबें, स्कूल यूनिफॉर्म और यहां तक कि मध्याह्न भोजन भी पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रहती है।

मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक में इस योजना के तहत कई निजी विद्यालयों को शामिल किया गया है, जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। किंग्स ईडन इंटरनेशनल स्कूल, अमृत मेमोरियल स्कूल, सेक्रेट हार्ट स्कूल, नयाज चिल्ड्रेन स्कूल, यस समीम मेमोरियल पब्लिक स्कूल, रूपनाथ पब्लिक स्कूल और जेके मेमोरियल पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों में बच्चों का प्रवेश कराया जा रहा है।

इनमें किंग्स ईडन इंटरनेशनल स्कूल का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय बताया जा रहा है, इस विद्यालय में 12 बच्चन में से 10 बच्चों का प्रवेश हो चुका है। जबकि अमित मेमोरियल में आठ में से मात्र दो बच्चों का प्रवेश हुआ है। इसी तरह सेक्रेड हार्ट में 12 बच्चों में से चार का हुआ है। बाकी विद्यालय में इसी तरह बच्चों का प्रवेश हुआ है।

जहां अधिकांश सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। ज्यादातर इस योजना का लाभ अभी भी गरीब अभिभावको के बच्चों को नहीं मिल पा रहा हैं। इस योजना के तहत बच्चों का दाखिला वर्ष के तीन चरणों में होता है। जिसमें दिसंबर जनवरी मार्च है।

आरटीई के तहत आवेदन के लिए बच्चे का आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र आवश्यक होते हैं। विद्यालय का चयन बच्चे के घर से लगभग एक किलोमीटर के दायरे में किया जाता है, ताकि बच्चों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।

यह योजना पिछले कई वर्षों से संचालित है, लेकिन कई अभिभावकों को इसकी पूरी जानकारी नहीं है। जागरूकता की कमी के कारण कई पात्र बच्चे इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। इसको लेकर पूरे ब्लॉक में इस योजना की जानकारी गरीब तबके के लोगो को दी जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर अपने नजदीकी विद्यालय में बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करें। अब तक ब्लॉक में चयनित विद्यालयों में 108 अलॉटमेंट के बाद 78 बच्चों का प्रवेश हो चुका है। इस योजना के तहत दिसंबर माह जनवरी एवं मार्च में प्रवेश होता है। संदेश स्पष्ट है,अब आर्थिक कमजोरी शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी। जरूरत है तो सिर्फ जागरूकता और पहल की, ताकि हर बच्चा पढ़े और आगे बढ़े। -ओमप्रकाश त्रिपाठी, खंड शिक्षाधिकारी ब्लाक मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)।