जागरण संवाददाता, नौसेमरघाट (मऊ) : जिला कारागार सहित जिला मुख्यालय से सैकड़ों गांवों को जोड़ने वाली सड़क दर्जनों स्थानों पर टूटकर बिखर गई है। सड़क की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। शहर के सलाहाबाद मोड़ से जिला कारागार तक सड़क खंड-खंड में टूट गई है। जगह-जगह से पिच से गिट्टी उखड़ गई है और बीच सड़क पर बोल्डर इधर-उधर लुढ़क कर खतरे का सबब बन रहे हैं। आलम यह है कि ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा है, जिस दिन दुर्घटना न होती हो।

शहर के रहजनिया मुहल्ले से निकलकर सलाहाबाद गांव होते हुए सरसेना को जाने वाली सड़क पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। जेल तक जाने का मुख्य रास्ता भी यही है। इसी रास्ते से होकर रोजाना कैदियों को न्यायालय लाया और वापस जेल ले जाया जाता है। एशिया में अपनी तरह के अकेले राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो तक भी लोग इसी रास्ते से होकर जाते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत को लेकर कोई गंभीर नहीं है। देश-विदेश के वैज्ञानिक इस मार्ग से प्रतिदिन एनबीएआइएम तक जाते हैं। सड़क लगातार खराब होती जा रही है। इस सड़क के किनारे लगभग दर्जनों गांव हैं। सैकड़ों गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए यही एक सड़क है। स्कूली बच्चों को प्रतिदिन इसी सड़क से होकर जिला मुख्यालय आना और जाना पड़ता है। जरा सी असावधानी होने पर बाइक व साइकिल सवार गड्ढों में गिर पड़ते हैं और चोटिल होते हैं। बरसात होने पर सड़क की हालत और खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्र के कमलेश सिंह, सतीश सिंह, नंदन यादव, विपिन सिंह, काशी यादव, अरविद यादव आदि का कहना है कि प्रधानमंत्री सड़क काफी दिनों से उपेक्षा का शिकार है। सरकार को इसके निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।

Posted By: Jagran

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