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मधुबन विधायक का रिपोर्ट कार्ड : सरयू की बाढ़ और कटान में बह रहे विकास के दावे

By Jaiprakash Nishad Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 04 Sep 2026 11:34 AM (IST)

मधुबन विधानसभा में भाजपा विधायक रामविलास चौहान के कार्यकाल में विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें सड़कें, ...और पढ़ें

मधुबन विधायक के विकास कार्य और सरयू बाढ़-कटान की चुनौती।

मधुबन विधायक के विकास कार्य और सरयू बाढ़-कटान की चुनौती।

HighLights

  1. विधायक निधि से सड़कों, इंटरलॉकिंग और हाईमास्क लाइट पर खर्च।

  2. सरयू की बाढ़ और कटान का स्थायी समाधान नहीं।

  3. दोहरीघाट-मधुबन मार्ग चौड़ीकरण और हेल्थ एटीएम प्रमुख उपलब्धि।

जयप्रकाश निषाद, मऊ। मधुबन विधानसभा में बीते चार साल के दौरान हुए विकास कार्य पर नजर डाली जाए तो सीधे तौर पर जनता के खाते में बहुत कुछ हाथ नहीं लगा है। यहां सरयू की बाढ़ व कटान से विकास के दावे बहते नजर आ रहे हैं। भाजपा का सीटिंग विधायक होने की वजह से यहां धनों की बारिश हुई है। विधायक निधि के अलावा त्वरित विकास निधि योजना के तहत भी काफी कार्य कराए गए हैं!

विधायकनिधि से इंटरलाकिंग, आरसीसी, सड़क निर्माण में दिलचस्पी दिखाई गई है। यही नहीं हाईमास्क लाइट पर सबसे ज्यादा धन खर्च किया गया है। यहां विधायक जलनिकासी, बाढ़ व कटान से बचाव के पुख्ता इंतजाम का दावा करते रहे हैं, लेकिन जनता के मुताबिक उनका यह दावा बारिश के दौरान बाढ़ में बहता दिखता है।

इसी तरह विधायक ने बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का निजात दिलाने के दावे भी खूब किए, लेकिन यह साकार होता नहीं दिख रहा है। यही नहीं सरयू की कटान के लिए हर साल 20 से 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन इसका स्थायी निदान आज तक नहीं किया गयाा। इसकी वजह से बाढ़ की परियोजनाएं अधिकारियों की बंदरबांट का शिकार होती रहती है। यह जरूर है कि विधायक ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए शासन से भरपूर धनराशि मंगवाई है और काम भी दिख रहा है।

यह है विधायक की उपलब्धि

21 किलोमीटर लंबे दोहरीघाट-मधुबन मार्ग के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। दोहरीघाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधुनिक 'हेल्थ एटीएम' की स्थापना की गई। क्षेत्र में लक्ष्मण मंदिर के पर्यटन विकास, पांती में भगवान शिव मंदिर के जीर्णोद्धार और साथ ही 30 करोड़ की लागत से जल निकासी के लिए नालों के निर्माण का कार्य पूरा किया गया है। इसके साथ ही स्पोटर्स स्टेडियम व पदारथपुर में 132 केवी पावर स्टेशन का निर्माण कार्य भी शामिल हैं। वैसे जनता इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व नगर विकास मंत्री एके शर्मा का भी योगदान मानती हैं।

मधुबन विधानसभा में धन की खूब हुई बारिश
मधुबन विधानसभा में विधायक निधि के साथ ही अन्य मदों में भी काफी धनराशि खर्च हुई है। चार साल में करीब 15 करोड़ रुपये विधायक निधि के खर्च हुए हैं तो वहीं त्वरित विकास योजना के तहत भी 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। विधायक ने अपनी निधि का बड़ा हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया है। बस्ती वर्सी निधियांव में 25 करोड़ रुपये की लागत से कंपोजिट इंटर कालेज बनवाया है। साथ ही फूलपुर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से उत्सव भवन का निर्माण कार्य चल रहा है।

साथ ही पदारथपुर में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र व 60 करोड़ रुपये में मधुबन दोहरीघाट सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों के भवन निर्माण और उन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए अनुदान के रूप में दिए हैं। इसके साथ ही सड़क, इंटरलाकिंग, आरसीसी व सड़क पर भी भारी भरकम धनराशि खर्च की गई है। इसके साथ ही हाईमास्क लाइट में सात करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए गए हैं।

विधायक कहिन

भाजपा विधायक रामविलास चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोडऩे के लिए हमने जितना कार्य कराया है, वह नजीर बन चुका है। क्षेत्र में काफी दिनों से चली आ रही मधुबन-दोहरीघाट मार्ग का निर्माण करवाया। गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ा गया। हर गांव में हाईमास्क लाइट लगवाया। पदारथपुर में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र बनवाने में शासन स्तर पर बात उठाया। साथ ही बस्ती वर्सी निधियांव में 25 करोड़ रुपये की लागत से कंपोजिट इंटर कालेज का निर्माण किया जा रहा हे। फूलपुर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से उत्सव भवन बनवाया जा रहा है। धार्मिक स्थलों को बदहाल स्थिति से निजात दिलाई गई। प्राथमिक शिक्षा के विद्यालयों में अत्याधुनिक सुविधा देने का हरसंभव प्रयास किया गया। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर की गई। वह जनता के बीच रहते हैं। यह सिलसिला अभी भी जारी है।

बोली जनता और प्रमुख लोग

  • मधुबन विधानसभा की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ व कटान है। हर बार कहा जाता है कि इससे बचाव की पूरी तैयारी है, लेकिन जैसे ही बाढ़ आती है। सारी प्रशासनिक पोल खुल जाती है। हर साल बाढ़ व कटान से बचाव के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जाता है, लेकिन इसका अभी तक स्थायी निदान नहीं किया गया। इसकी वजह से हर साल किसानों की कृषि योग्य भूमि सरयू में विलीन हो रही है। यही नहीं विनटोलिया गांव ही सरयू में विलीन हो गया। बिनटोलिया के लोग विस्थापित हो गए। उनको आवास की कोई व्यवस्था नहीं की गई। उनको जमीन देकर कहीं स्थापित भी नहीं किया गया। वह अपने तरीके से जीवन यापन करते है। सपा सरकार में बरहज का पुल बनवाया गया था। 2017 में अप्रोच न बनने से चार पावे बह गए। पुल बन गया होता तो गोरखपुर व देवरिया से यहां के लोग जुड जाता और निश्चित तौर पर यहां का विकास होता। - दूधनाथ यादव, जिलाध्यक्ष सपा।
  • मधुबन क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में विकास के कई कार्य हुए हैं, जिससे लोगों को सुविधाएं मिली हैं। लेकिन सरयू नदी पर मोहन सेतु का निर्माण अभी भी अधूरा है। इसके शीघ्र पूरा होने से मऊ, देवरिया और आसपास के जनपदों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सरयू के कटान का स्थायी निदान भी नहीं हो रहा है। यह यहां के लोगाें की सबसे बड़ी समस्या है। - बबलू ठठेरा, व्यापारी नेता मधुबन
  • समझ में नहीं आता कि बाढ़ की दहशत से कब निजात मिलेगी। हर बार कहा जाता है कि इस बार बाढ़ से बचाव को लेकर पुख्ता व्यवस्था कर लिया गया है लेकिन बाद में स्थिति विकट हो जाती है। यहां कुछ कार्य हुए हैं लेकिन अभी तमाम कार्य अधूरे हैं। मधुबन-दोहरीघाट मार्ग क्षेत्र की प्रमुख सड़क है। इसकी जर्जर स्थिति से व्यापार और आवागमन दोनों प्रभावित होते हैं। सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ है। सुविधाएं तो मिली हैं लेकिन और जरूरत है। - राधेश्याम सिंह, मधुबन
  • देवारा क्षेत्र के किसानों के लिए सरयू नदी की कटान हर वर्ष बड़ी समस्या बन जाती है। प्रस्तावित रिंग बांध का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। यदि यह बन जाए तो हजारों बीघा कृषि भूमि और कई गांवों को कटान से सुरक्षा मिलेगी। सरकार को इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। - हरिकेश यादव, किसान मधुबन
  • विधानसभा क्षेत्र में विकास के कार्य हुए हैं। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और अन्य दूरस्थ शहरों के लिए अभी तक एसी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को परेशानी होती है। क्षेत्र की बढ़ती आबादी और जरूरतों को देखते हुए मधुबन से दूरस्थ स्थानों के लिए एसी बसों का संचालन शुरू किया जाना चाहिए। -अश्वनी कुमार सिंह, मधुबन।