जागरण संवाददाता, मऊ : विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर फर्जी बिल भेजकर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष व भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता शुक्रवार से विद्युत वितरण खंड प्रथम के कार्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। राकेश का कहना है कि सके पिता दसई के नाम पर कनेक्शन है। विद्युत बिल जमा करने के बावजूद 39433 रूपया बिल बकाया दिखाकर अवैध धन वसूली के चक्कर में विद्युत विभाग द्वारा कनेक्शन विच्छेन कर दिया गया। विच्छेदन के बाद बकाया रसीद भी दी गई। किसी तरह उसका कनेक्शन जोड़ा गया। यही नहीं मीटर बंद होने के बाद भी बिल भेजी जाती रही। अप्रैल 2014 में 745 यूनिट का बिल 6368 रुपये भेजा गया। मई 2014 में मीटर बंद होने के बाद भी 325 यूनिट, जून 2014 में 870 यूनिट बिल बिजली विभाग भेजता रहा। जुलाई 2014 में 5329 यूनिट आई। इसके बाद तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद जांच कराई गई। 25 अप्रैल 2015 को उनके पिता के नाम से 58560 रुपये का बिल भेजा गया। 28 मार्च को जांच कमेटी बनी। जांच कमेटी में 78878 रुपये की आरसी भेजी गई। दूसरा बिल 64517 रुपये का भेजा गया। बार-बार अधिकारियों और कर्मचारियों के यहां वह दौड़ता रहा लेकिन कोई संशोधन नहीं किया गया। 2014 से अब तक 367461 रुपये बिजली बिल जमा कर चुका है। इसके बावजूद विभाग बकाया धनराशि 256264 रुपये भेज रहा है। भाजपा नेता का कहना है कि बीते 14 जनवरी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। उनके पिता के नाम से भारतीय डाक द्वारा एक पत्र आया। इस पर बिजली विभाग द्वारा कुल बकाया धनराशि 133532 रुपये दिखाया गया है। ऐसे में विभाग के मनमानी के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।

भूख हड़ताल में उनके साथ सुरेंद्र चैहान, आनंद प्रकाश, शुभम गुप्ता, रामपुकार सिंह, भीम चैहान, विशाल नाथ योगी, शेषनाथ सिंह, नगीना चैहान, पवन सिंह, अशोक गुप्ता, संजय गुप्ता, योगेंद्र गुप्ता आदि शामिल थे।

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