जागरण संवाददाता, मऊ : जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने दूसरे दिन शनिवार को भी जिले में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया। दूधियों के बाल्टों में भरे दूध के तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए। खाद्य विभाग की टीम देखकर दूधियों में अफरा-तफरी मच गई। कई दूधियों ने जांच टीम देखकर रास्ता बदल दिया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम सबसे पहले नगर के अछार रेलवे क्रासिग पहुंची वहां से दूध का एक नमूना लेने के बाद टीम के सदस्य चिरैयाकोट पहुंचे और वहां से भी दूध का एक नमूना लिया। इसके बाद टीम कई स्थानों पहुंच कर वहां से एक-एक दूध के नमूने सीज किए। टीम को देखकर अफरातफरी मच गई। दूध का बाल्टा लिए विक्रेता इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान खाद्य विभाग की टीम ने कुछ ऐसे लोगों को भी रोक लिया जिसके पास बाल्टा तो था लेकिन उसमें दूध नहीं था। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया।

अभिहित अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि नमूने लेकर उसे जांच के लिए प्रदेश मुख्यालय स्थित लैब में भेज दिया गया है। बताया कि दूध में बढ़ती मिलावट को देखते हुए शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। मिलावटी दूध पीने से आए दिन बच्चों की तबीयत खराब हो रही है। इसके चलते आए दिन शिकायतें मिलती रहती हैं। विभाग में आने वाली हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई भी की जा रही है।

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