मऊ जिला अस्पताल में टांका लगाने के दौरान बिजली कटी, मोबाइल टार्च का लेना पड़ा सहारा
मऊ जिला अस्पताल में बिजली गुल होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक बाल बंदी के सिर ...और पढ़ें

मऊ जिला अस्पताल में अंधेरे में इलाज: मोबाइल टार्च की रोशनी में लगे टांके।
HighLights
मऊ जिला अस्पताल में बिजली कटने से अव्यवस्था फैली।
मोबाइल टार्च की रोशनी में बाल बंदी को लगे टांके।
अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठे।
जागरण संवाददाता, मऊ। जिला अस्पताल में रोगियों को बेहतर सुविधा देने का दावा कागजों में सिमट कर रह गया है। इस कदर अव्यवस्था फैली हुई है कि रोगियों को टांका मोबाइल टार्च की रोशनी में लगाना पड़ रहा है। इससे मरीजों की जान पर बन आ रही है।
इसके बाद भी जिला अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है, जबकि प्रत्येक माह डीएम की अध्यक्षता में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बैठक की जाती है। जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि समय-समय पर निरीक्षण भी करते हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बने आपरेशन थियेटर (ओटी) में सोमवार की शाम को लगभग साढ़े पांच बजे के आसपास बाल बंदी को सिर में गंभीर चोट लगने पर भर्ती कराया गया था। यहां पर डाक्टर ने सिर में गंभीर चोट देख टांका लगाने का निर्णय लिया।
टांका लगाने के दौरान अचानक से बिजली कट गई और ओटी में अंधेरा पसर गया। फौरन स्वास्थ्य कर्मियों ने मोबाइल की टार्च जलाई और उसकी रोशनी में रोगी के सिर में टांका लगाया गया। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया था।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण बिजली कट गई थी। जिसको कुछ देर बाद ठीक कर दिया गया। ओटी में वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।
