जागरण संवाददाता, मऊ : स्थानीय रेलवे जंक्शन पर बिना रोके किसी ट्रेन को पास देने तथा तीव्र गति से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ट्रैक को आधुनिक तकनीक से लैश करने का कार्य शनिवार को शुरू कर दिया गया। मऊ जंक्शन यार्ड के लाइन नंबर तीन और चार में सीजर्स क्रासओवर फिलहाल समाप्त कर दिया गया है, इससे अब तीन नंबर ट्रैक से किसी ट्रेन को चार नंबर ट्रैक पर नहीं ले जाया जा सकेगा। स्पीड बढ़ाने के लिए लाइन नंबर तीन व चार के नीचे लगे लकड़ी के स्लीपर को बदलकर उसकी जगह सीमेंट के स्लीपर डाले जा रहे हैं। इस काम के पूरा होने के बाद प्लेटफार्म संख्या दो और तीन अब दो प्लेटफार्म नहीं बल्कि एक ही प्लेटफार्म हो जाएंगे।

वाराणसी-भटनी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण के बाद विभिन्न जंक्शनों पर परिवर्तन का दौर जारी है। पहले से बने रेलवे ट्रैक में जहां-जहां कमी है उसे तेजी से दूर किया जा रहा है। रेलवे के सहायक मंडल इंजीनियर दीपक कुमार ने बताया कि लाइन नंबर तीन और चार में सीजर्स क्रास ओवर यानि कैंची के आकार की ट्रैक परिवर्तन प्रणाली लगी हुई थी। इसके कारण लाइन नंबर तीन में 15 किलोमीटर प्रति घंटा तथा लाइन नंबर चार में 10 किमी प्रतिघंटा का स्थाई गति नियंत्रक लगा हुआ था। सीजर्स क्रासओवर को हटाकर अब लकड़ी के स्लीपर की जगह पीएससी यानि प्री स्ट्रेच्ड कांक्रीट का स्लीपर लगाकर उसे संबद्ध रेलवे ट्रैक से लिक किया जा रहा है। इससे न सिर्फ ट्रेनों की संरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ट्रेनों को अधिक गति से इस पर चलाया भी जा सकेगा। उधर, युद्धस्तर पर किए जा रहे इस कार्य से प्लेटफार्म संख्या दो एवं तीन पर अफरा-तफरी मची हुई है।

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