जागरण संवाददाता, सूरजपुर (मऊ) : न्याय चला निर्धन से मिलने के तहत मां विंध्यवासिनी महाविद्यालय बंधनपुर के प्रांगण में गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं, बच्चों, गरीब व कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को निश्शुल्क विधिक सहायता व सलाह, उनके अधिकार व किसी कल्याणकारी योजनाओं या सरकारी योजनाओं में विधिक लाभ, न्याय के अधिकार से लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि बगैर कारण बताए पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकती।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुख्य अतिथि कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने लोगों को उनके अधिकार व उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक किया। बताया कि आपको बगैर कारण बताए पुलिस आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती। किसी महिला व बच्चों को थाने पर पुलिस नहीं बुला सकती है। जरूरत पड़ने पर पुलिस स्वयं उनके यहां जांच करने जाएगी। गैर जमानतीय मामले के आरोप में 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। महिलाओं, 18 वर्ष के बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग, आपदा, जातीय हिसा, बाढ़, भूकंप पीडित व्यक्ति, मानसिक रूप से कारागार में निहित अक्षम या दिव्यांग व जिनकी वार्षिक आय तीन लाख तक है वह निश्शुल्क विधिक सहायता का हकदार हैं। ग्रामीण न्यायालय मधुबन के जज सिद्धांत शेखर सिंह ने कहा कि अब दो साल से कम सजा वाले सभी मुकदमों की सुनवाई के लिए आप सबको जनपद मुख्यालय नहीं जाना होगा। सभी मामले मधुबन तहसील पर ग्रामीण न्यायालय में सुना जाएगा। एसडीएम रामभवन तिवारी ने बताया कि जनता के समस्याओं के निपटारा के लिए तहसील दिवस व थाना दिवस का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर तहसीलदार सुबाषचंद्र, संयोजक अधिवक्ता विकास सिंह निकुंभ, थानाध्यक्ष मधुबन विमल प्रकाश राय, ऋषिकेश यादव, गोल्डी पांडेय, अशोक कुमार यादव, रजनीश राय, ग्राम प्रधान रामभवन, अवधेश कन्नौजिया आदि उपस्थित थे।

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