जागरण संवाददाता, मऊ : अपनी बुनाई की कारीगरी के लिए देश भर में प्रसिद्ध मऊनाथ भंजन कस्बे के बेहतरीन बुनकरों के सपनों को उड़ान देने की दिशा में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना' के तहत प्रदेश सरकार ने ठोस पहल शुरू की है। लखनऊ में आयोजित पूर्वाचल विकास बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष तैय्यब पालकी ने जब मऊ के बुनाई को उद्योग की तरह विकसित करने की जरूरतों का लेखा-जोखा पुरजोर तरीके से प्रस्तुत किया तो प्रमुख सचिव उद्योग नवनीत सहगल व बोर्ड के उपाध्यक्ष भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।

नपा अध्यक्ष ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के सामने दो दशक से शहर की बंद पड़ी दो स्पीनिग मिलों को लाख प्रयासों के बावजूद सरकार नहीं चालू कर पाई। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना के तहत बुनाई कला को विकसित करने के लिए बंद पड़ी स्पीनिग मिलों के भूखंड का बेहतरीन इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे टेक्सटाईल पार्क के रूप में विकसित कर बुनकरों को किश्तों पर लीज पर दिया जाए तो सही मायने में विकास शुरू हो जाएगा। इसके अलावा टेस्टिग लैब, तकनीकी अनुसंधान केंद्र, विपणन केंद्र, डिजाइन विकास केंद्र, रा मैटेरियल बैंक, प्रोसेसिग सेंटर, निर्यात केंद्र, 24 घंटे बिजली, उत्पादन का जीआएस पेमेंट, आर्थिक सहयोग एवं अनुदान के साथ-साथ रेलवे एवं वायु मार्ग से मऊ को जोड़ने की भी मांग पुरजोर तरीके से रखी। जिस पर प्रमुख सचिव उद्योग नवनीत सहगल एवं मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार ने शीघ्र निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया।

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