यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नकटा-जैरामगढ मार्ग क्षतिग्रस्त, आवागमन में परेशानी
जागरण संवाददाता घोसी (मऊ) दर्जनों गांवों के नागरिकों के लिए सुगम मार्ग नकटा-जैरामगढ़ क

जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ) : दर्जनों गांवों के नागरिकों के लिए सुगम मार्ग नकटा-जैरामगढ़ के विशालकाय गड्ढे इन दिनों आवागमन में परेशानी का सबब बने हैं। पांच वर्ष पूर्व इस मार्ग की मरम्मत हुई पर बाद में ध्यान देने और भारी वाहनों के आवागमन के कारण मार्ग की गिट्टियां अब उड़ रही हैं।
70 के दशक में घोसी-मझवारा मार्ग पर नकटा से जैरामगढ़-कोपागंज तक इस मार्ग का निर्माण हुआ। 80 के दशक में इसका लेपन हुआ। इसके चलते उक्त क्षेत्र के प्रमुख एवं प्राचीन बाजार कोपागंज के लिए एक सुगम मार्ग मिल गया। पूर्व में मूंगमांस, लठिया, मुगेसर, नकटा, केरमा महरूपुर, सिकरौर, बेलासुल्तानपुर, आदमपुर, लुदुहीं, पतिला, गोडसरा एवं सरवनपुर आदि गांवों के नागरिक घोसी या मऊ होकर कोपागंज जाते थे। बहरहाल इस मार्ग के निर्माण के बाद मिली खुशी प्रत्येक पांच वर्ष पर मायूसी में बदल जाती है। लोक निर्माण विभाग ने कभी इस मार्ग का सु²ढीकरण एवं चौड़ीकरण के लिए टेंडर नहीं प्रकाशित किया। सड़क क्षतिग्रस्त होने पर मात्र लेपन का कार्य कराया जाता है। अब वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही आवागमन की आवृत्ति भी बढ़ गई है। इस क्षेत्र के नागरिक जिला मुख्यालय जाने को भी इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं।
