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जागरण संवाददाता, पलिगढ़ (मऊ) : थाना सरायलखंसी के तेंदुली नहर चट्टी पर मैनुद्दीनगंज के नाम से चल रही सरकारी देशी शराब की दुकान के अंदर शुक्रवार की दोपहर बाद शराब पीते समय हुई रामलाल प्रजापति की मौत रहस्य बन गई है। उसकी मौत की चर्चा दूसरे दिन शनिवार को भी सुबह से ही गांव से लेकर चौराहे चट्टी तक बनी रही। जितने लोग उतनी बातें हो रही थीं। सबको रामलाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही रामलाल की मौत से पर्दा उठ सकेगा।

इस सब के बीच सबकी जुबान पर एक बात थी कि मजदूरी कर परिवार का जीवन यापन करने वाला रामलाल बहुत ही नेक और मेहनती था जो कभी किसी के बात नहीं टालता था। शराब पीने का आदि भी नहीं था और न ही उसकी पियक्कड़ों में गिनती होती थी। कभी अगर पीता भी था तो ठेके की दुकान में बैठकर पीता था। जहां सेल्समैनों का भी साथ मिलता था। लोगों का यह भी कहना था कि मृतक को जब सेल्समैन ठेके के अंदर से घसीट कर बाहर बिछी चौकी पर लिटाया गया तो मुंह से झाग निकल रहा था। इसे देखकर ही लोग तरह-तरह की आशंका जता रहे हैं।

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मुख्य सेल्समैन के भागने से बढ़ी आशंका

लोगों ने बताया कि रामलाल की मौत ठेके में होते ही दुकान का मुख्य सेल्समैन सहायक के जिम्मे ठेका छोड़कर भाग गया। वह क्यों भागा, यह रहस्य बना हुआ है। लोगों का कहना है, वह तो गांव का ही था, उसने क्यों नहीं परिजनों को इस घटना की सूचना दी।

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कहीं ठेके के आड़ में प्रतिबंधित शराब तो नहीं

मौत की घटना के दिन से ही लोगों द्वारा तरह-तरह की बातें सुनने को आ रहा है। उनमें से कुछ ने घटनास्थल पर पहुंचे आबकारी विभाग के अधिकारी से तथा एसडीएम मुहम्मदाबाद गोहना विजय कुमार मिश्र से शिकायत किया कि ठेके के आड़ में प्रतिबंधित शराब भी धड़ल्ले से बेची जाती है। इतना ही नहीं लोगों ने कहा कि सुबह छह बजे से रात ग्यारह के बाद तक ठेके से शराब निर्धारित दाम से ज्यादा में बेची जाती है। यह भी कहा कि आसपास के कुछ गुमटियों से पर प्रति शीशी 15 से 20 रुपया ज्यादा देकर बेचवाई जाती है। इसकी शिकायत पिजड़ा चौकी प्रभारी से कई बार की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उक्त बात को संज्ञान में लेकर एसडीएम विजय कुमार मिश्र ने ठेका की दुकान में रखे देशी शराब की सभी तीनों वेरायटी की सैंपल लेकर गोरखपुर भेजकर जांच कराने की बात कही।

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नहर चट्टी पर प्रतिबंधित शराब की है भरमार

नहर चट्टी पर तो सुबह से ही भीड़ लग जाती है लेकिन दोपहर ढलते ही भीड़ इस कदर बढ़ जाती है मानो मेला लगा है। वहीं मांस, मछली लोग तलवाकर खाते हैं तथा शराब पीते हैं। लोगों का कहना है कि इस चट्टी पर शराब पीने के लिए काफी दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां सरकारी देशी शराब से लेकर कचिया शराब तथा गांजा, भांग तथा नशे की अन्य सामग्री भी मिल जाती है।

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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

तीन पुत्रों में मृतक रामलाल बड़ा था। वह अपने परिवार के साथ अलग रहता था। रामलाल की पत्नी आशा देवी व दो बच्चे प्रदुम्न 18 वर्ष बीए प्रथम वर्ष तथा वृजमोह 10 वर्ष कक्षा तीन का छात्र है। रामलाल की मौत को लेकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था और आखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

Posted By: Jagran

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